जबलपुर से नैनपुर होकर जल्द आरंभ हो सकती हैं सवारी गाड़ियां

ब्राडगेज संघर्ष समिति की आवाज गूंज रही रेल भवन में
(आमित कौशल)

नई दिल्ली (साई)। कोरोना काल में बंद पड़ी रेल व्यवस्थाओं को धीरे धीरे सुचारू रूप से आरंभ कराया जा रहा है। जबलपुर से हर तरफ रेल आरंभ हो गई है, पर जबलपुर से नैनपुर होते हुए बालाघाट, गोंदिया सवारी गाड़ी आरंभ नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही इस मार्ग पर भी सवारी गाड़ी आरंभ होने की उम्मीद रेलवे के उच्च पदस्थ सूत्रों ने जताई है।
रेल भवन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मण्डला और बालाघाट के जनप्रतिनिधियों के द्वारा अब तक इस मामले में किसी तरह का प्रयास न किया जाना आश्चर्य जनक ही माना जाएगा। सूत्रों की मानें तो मण्डला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के द्वारा कोरोना काल के पूर्व में रेल मंत्री से चर्चा के दौरान कुछ सवारी गाड़ियों को नैनपुर बालाघाट होकर चलाने की मांग की थी।
सूत्रों ने बताया कि ब्राडगेेज संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनूप ंिसह बैस के द्वारा लगातार ही इस दिशा में रेल विभाग को ज्ञापन, सोशल मीडिया आदि के जरिए मांग की जाती रही है कि जबलपुर से नरसिंहपुर, कटनी दिशा में तो सवारी गाड़ियां आरंभ कर दी गईं किन्तु नैनपुर होकर बालाघाट की दिशा में सवारी गाड़ियां आरंभ नहीं किए जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों ने बताया कि यह बात रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष के संज्ञान में आने के बाद अब अधिकारी इस कवायद में जुट गए हैं कि जबलपुर से नैनपुर, बालाघाट होकर गोंदिया के लिए कौन कौन सी सवारी गाड़ियों के रूट में बदलाव किया जाए। सूत्रों ने उम्मीद जताई है कि एक पखवाड़े के अंदर ही इस रेलखण्ड पर सवारी गाड़ियां चलना आरंभ हो जाएंगी।

घंसौर नहीं रूकेंगी ये गाड़ियां!

सूत्रों ने इस बात को विशेष रूप से बताया कि सवारी गाड़ियों का स्टापेज फिलहाल घंसौर नहीं होगा क्योंकि घंसौर स्टापेज बनवाने के लिए क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को हस्ताक्षेप करना होगा पर उनके द्वारा अभी तक रेलमंत्री या वरिष्ठ रेल अधिकारियों से इस संबंध में किसी तरह की चर्चा नहीं की गई है।

आश्चर्यजनक है इस मामले में विपक्ष का पूरी तरह मौन रहना!

इधर, सिवनी जिले में ब्राडगेज की सीटी सुनाई नहीं देने पर भी विपक्ष में बैठी कांग्रेस के घोषित अघोषित प्रवक्ताओं की फौज भी पूरी तरह मौन ही नजर आ रही है। लोग इस बात पर आश्चर्य कर रहे हैं कि मण्डला संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में रेल सुविधाएं न होने पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राज कुमार खुराना, बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया और लखनादौन के कांग्रेस विधायक योगेंद्र सिंह के द्वारा मण्डला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को घेरने का प्रयास क्यों नहीं किया गया है।
इसी तरह बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में पटरी डालने का काम बहुत ही मंथर गति से कराए जाने पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राज कुमार खुराना, बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया और लखनादौन के कांग्रेस विधायक योगेंद्र सिंह के द्वारा बालाघाट सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को इसके लिए दोषी ठहराते हुए एक भी विज्ञप्ति जारी नहीं की है, जिसे लेकर सिवनी जिले में तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है।

इसलिए जुड़ा जबलपुर से गोंदिया!

जबलपुर से घंसौर, नैनपुर, बालाघाट होते हुए गोंदिया को रेलमार्ग से तेज गति से जोड़ने का श्रेय भले ही तत्कालीन या वर्तमान जनप्रतिनिधियों के द्वारा लिया जाता रहा हो, पर रेल्वे के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जबलपुर से बालाघाट के बीच के हिस्से का काम बहुत ही तेज गति से इसलिए कराया गया था क्योंकि जून 2015 में इटारसी मे ंरूट रिले इंटरलाकिंग सिस्टम जलकर खाक हो गया था। इसके बाद उत्तर भारत से दक्षिण भारत की ओर जाने वाली माल एवं सवारी गाड़ियों को कहां से ले जाया जाए यह समस्या रेल्वे के सामने आन खड़ी हुई थी।