तालिबान में संगीत पर बैन, तोड़ दिए गए इंस्ट्रूमेंट, अमेरिका ने दी यह चेतावनी

(ब्‍यूरो कार्यालय)
नई दिल्‍ली (साई)। तालिबान ने मंगलवार को अंतरिम सरकार की घोषणा की जिसमें सारे पुरुष हैं। मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के नेतृत्व वाली इस अंतरिम सरकार की घोषणा होते ही तालिबान एक बार फिर पुराने तरीके पर उतर आया और महिला खेलों और संगीत पर पाबंदी लगा दी।

संगीत पर पाबंदी लगते हुए काबुल स्थित नेशनल म्यूजिक इंस्टीट्यूट से वाद्य यंत्रों को नष्ट कर दिया गया। तालिबान की यह हरकत ऐसे समय में सामने आई है जब उसने सभी अफगानों के लिए “समावेशी प्रशासन” बनाने का वादा किया है। नई सरकार में सभी प्रमुख पदों पर कट्टरपंथियों की नियुक्ति की गई है और इस सरकार में एक भी महिला नहीं है। यह साफ दर्शाता है कि तालिबान वहीं 90 के दशक वाला तालिबान है।

अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से तालिबान संगीतकारों और कलाकारों को इस्लामिक शासन के उनके दृष्टिकोण के साथ विश्वासघात करने के लिए लगातार निशाना बना रहा है। कई गायक, संगीतकार तो पहले ही देश छोड़ चुके हैं।

इसके अलावा तालिबान ने महिला खेलों में भी पाबंदी लगा दी है। ऑस्ट्रेलिया के एसबीएस टीवी ने तालिबान के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि उन्होंने महिला खेलों खासकर महिला क्रिकेट पर रोक लगा दी है । तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के उप प्रमुख अहमदुल्लाह वासिक के हवाले से नेटवर्क ने कहा ,‘‘ क्रिकेट में ऐसे हालात होते हैं कि मुंह और शरीर ढका नहीं जा सकता। इस्लाम महिलाओं को ऐसे दिखने की इजाजत नहीं देता।’’

उसने कहा ,‘‘ यह मीडिया का युग है जिसमें फोटो और वीडियो देखे जायेंगे । इस्लाम और इस्लामी अमीरात महिलाओं को क्रिकेट या ऐसे खेल खेलने की अनुमति नहीं देता जिसमें शरीर दिखता हो।’’ उसने कहा कि तालिबान पुरूष क्रिकेट जारी रखेगा और उसने टीम को नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट खेलने जाने की इजाजत दे दी है।

वहीं अमेरिका ने अफगान सरकार को चेतावनी दी है कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि किसी अन्य देश को धमकी देने के लिए अफगान भूमि का उपयोग नहीं किया जाए। मेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि तालिबान हमारी बात मानता है या नहीं, यह देखना बाकी है। काबुल में वाणिज्यिक हवाई अड्डे के संचालन को फिर से शुरू करना महत्वपूर्ण है। हम इसके लिए सरकार और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के विशेष रूप से आभारी हैं।

मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “हमने गौर किया है कि नामों की घोषित सूची में विशेष रूप से ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जो तालिबान के सदस्य हैं या उनके करीबी सहयोगी हैं और कोई महिला नहीं है।”

इसने कहा, “हम कुछ व्यक्तियों की संबद्धता और पूर्व के रिकॉर्ड को लेकर भी चिंतित हैं। हम समझते हैं कि तालिबान सरकार ने इसे एक कार्यवाहक मंत्रिमंडल के तौर पर प्रस्तुत किया है। हालांकि, हम तालिबान को उसके कार्यों से आंकेंगे, उसके शब्दों से नहीं। हमने अपनी अपेक्षा स्पष्ट कर दी है कि अफगान लोग एक समावेशी सरकार के हकदार हैं।”

लोगों की अफगानिस्तान छोड़ कर जाने की कोशिश पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका “तालिबान को विदेशी नागरिकों और अफ़गानों के लिए यात्रा दस्तावेजों के साथ सुरक्षित मार्ग की अनुमति देने की उसकी प्रतिबद्धताओं के लिए जिम्मेदार ठहराएगा, जिसमें वर्तमान में अफगानिस्तान से आगे के गंतव्यों के लिए उड़ान भरने के लिए तैयार उड़ानों को अनुमति देना भी शामिल है।”

बयान में कहा गया, “हम अपनी स्पष्ट अपेक्षा को भी दोहराते हैं कि तालिबान यह सुनिश्चित करे कि किसी अन्य देश को धमकी देने के लिए अफगान भूमि का उपयोग नहीं किया जाए और अफगान लोगों के समर्थन में मानवीय मदद की अनुमति दी जाए।”