सीएमएचओ को नहीं प्रभारी मंत्री के निर्देशों की परवाह!

नौ दिन पूर्व निलंबित हुआ लिपिक आज भी ठसक के साथ कर रहा उसी शाखा में काम! उमरिया के पंडित जी के जरिए कराना चाह रहे अन्य लिपिक काम!
(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। अनुकंपा नियुक्ति के एक मामले को लटकाने, प्रार्थी से रिश्वत लेने आदि के आरोप के साथ ही प्रभारी मंत्री कार्यालय से भेजी गई एक शिकायत के उपरांत निलंबित किए गए स्थापना शाखा के लिपिक को निलंबित किया जा चुका है किन्तु निलंबन के नौ दिनों के बाद भी उक्त लिपिक के द्वारा ठसक के साथ अपनी शाखा में ही बैठकर काम कर रहे हैं।
उक्ताशय की बात मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताते हुए कहा कि एक अनुकंपा नियुक्ति के मामले में कथित तौर पर रिश्वत लिए जाने की लिखित शिकायत प्रार्थी के द्वारा की गई थी। इस मामले को समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज में प्रमुखता से उठाया गया था।
सूत्रों ने आगे बताया कि इसके अलावा जिले के प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा के कार्यालय से भी स्थापना शाखा देख रहे लिपिक अजय कटरे के खिलाफ शिकायत भेजी जाकर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की गई थी। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज का वीडियो भी प्रभारी मंत्री के संज्ञान में लाया गया था। इसके उपरांत प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव के द्वारा स्थापना शाखा के लिपिक अजय कटरे को 13 सितंबर को निलंबित कर दिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि अजय कटरे के स्थान पर स्थापना शाखा का प्रभार वीरेंद्र सिंह ठाकुर नामक लिपिक को दिए जाने के आदेश होने के नौ दिनों बाद भी अब तक सीएमएचओ कार्यालय की स्थापना शाखा का प्रभार अजय कटरे के द्वारा वीरेंद्र सिंह ठाकुर को प्रदाय नहीं किया गया है। अजय कटरे रोज सुबह नौ बजे ही कार्यालय पहुंच जाते हैं और अन्य दिनों की तरह ही वे काम करते नजर आते हैं।

स्टोर का प्रभार लेने की जुगत में दूसरे लिपिक!

सूत्रों ने आगे बताया कि मूल रूप से गोपालगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ लिपिक राम मोहन श्रीवास्तव जो कि जिला अस्पताल के भण्डार में पदस्थ हैं वे भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के भण्डार में पदस्थापना की जुगत लगाते दिख रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि संलग्नीकरण के आदेशों पर अगर प्रभारी सीएमएचओ गौर फरमाएं तो दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है।

पंडित जी के जरिए लग रही एप्रोच

इधर, सीएमएचओ के करीबी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को यह भी बताया कि उमरिया से आए कोई त्रिपाठी जी को साधकर सीएमएचओ कार्यालय में मनपसंद पदस्थापना करवाने की जुगत में अनेक लिपिक दिख रहे हैं। वीरेंद्र त्रिपाठी नामक व्यक्ति हाल ही में उमरिया से सिवनी प्रवास पर आए थे।

होटल के बिल के भुगतान की चर्चाएं!

वही, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में चल रही चर्चाओं पर अगर यकीन किया जाए तो स्वास्थ्य विभाग के एक आला अधिकारी लंबे समय से एक होटल को ही अपना निवास बनाए हुए हैं। अब उक्त अधिकारी इस जुगत में हैं कि उनके होटल के भारी भरकम देयक को विभाग के जरिए कैसे कराया जाए!