केंद्र के नीतिगत मामलों के तहत सिवनी को मिली एक और सौगात

सिवनी जिले के तीन स्थानों पर लगंगे मौसम केंद्र, मिल सकेगी सटीक जानकारियां
(सुमित माहेश्वरी)
नई दिल्ली (साई)। सिवनी को नीतिगत मामलों के तहत केंद्र सरकार का एक और और तोहफा मिला है। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के नक्शे पर अब सिवनी जिला आता दिख रहा है। इसका कारण सिवनी में बार बार हो रही भूगर्भीय हलचलों के संबंध में सोशल मीडिया में लगातार ही होने वाले पोस्ट हैं।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मंत्रालय के द्वारा नीतिगत मामलों के तहत सिवनी शहर के अलावा मण्डला संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से मेें केवलारी एवं बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में सिवनी के अलावा बरघाट में मौसम केंद्र की स्थापना की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इन केंद्रों को इंटरनेट से जोड़ते ही भोपाल, जबलपुर, नागपुर, दिल्ली आदि के मौसम कार्यालयों में आंकड़े पलक झपकते ही पहुंचेंगे और सिवनी के संबंध में मौसम का पूर्वानुमान जारी करने में आसानी हो सकेगी।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को आगे बताया कि फिलहाल सिवनी में मौसम के संबंध में जानकारी पुरानी तकनीक पर आधारित होने से अनुमान सटीक नहीं लगाए जा सक रहे हैं। सूत्रों ने आगे बताया कि मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात के लिए समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की तारीफ की है कि समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के मौसम के पूर्वानुमान बहुत ही सटीक साबित होते आए हैं।
सूत्रोें ने बताया कि फिलहाल जारी व्यवस्था के तहत सिवनी में सुबह 07 बजे और शाम लगभग 05 बजे ही रेस्ट हाऊस स्थित मौसम विभाग के उपकरण वाले स्थान पर ही रीडिंग ली जाती हैं। इसके पहले यह व्यवस्था बस स्टैण्ड में पुराने अस्पताल में नागेश्वर मंदिर के पास के कार्यालय में हुआ करती थी। इस काम को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों के द्वारा किया जाता है। यह जानकारी मुख्यालय बहुत विलंब से पहुंचती है और उसके उपरांत इसका उपयोग पूर्वानुमान लगाने आदि में किया जाता है।
सूत्रों ने कहा कि नई व्यवस्था के उपरांत पल पल की जानकारी सीधे मुख्यालय को मिल सकेगी और अत्याधुनिक तकनीक के उपकरणों से लैस मौसम केंद्र (वेदर स्टेशन) जल्द ही काम करना आरंभ कर देंगे। सूत्रों ने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों में मौसम केंद्र की स्थापना की जा चुकी है। सिवनी के जनप्रतिनिधि अगर इसमें दिलचस्पी लेते तो कम से कम एक साल पूर्व ही यह वेदर स्टेशन अस्तित्व में आ चुका होता।
सूत्रों ने बताया कि 15 अक्टूबर के उपरांत केंद्रीय दल सिवनी पहुंच रहा है, और उसके बाद सिवनी में मौसम केंद्र के लिए जगह चिन्हित की जाकर काम आरंभ कराया जाएगा। इसमें जो उपकरण लगाए जाएंगे उसमें डाटा अपने आप ही अपलोड हो जाएगा एवं मुख्यालय में बैठे अधिकारी उसे तत्काल ही देख सकेंगे।