बड़े बड़े रसूखदार लोग शामिल थे बंडोल की चोरी में!

सहायक आबकारी अधिकारी, पूर्व सैनिक भी थे लाखों की चोरी के मास्टरमाईंड!
(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले की बंडोल पुलिस को एक बहुत ही बड़ी चोरी का खुलासा करने में सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने आठ आरोपियों को धर दबोचा है जबकि पांच आरोपी अभी फरार ही बताए जा रहे हैं। पुलिस के द्वारा नकद राशि जप्त कर ली गई है।
जिला पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक के द्वारा पत्रकार वार्ता में बताया गया कि 08 एवं 09 अक्टूबर को सिवनी जिले के बंडोल थानांतर्गत बखारी ग्राम में अज्ञात चोरों के द्वारा अशोक साहू के घर धावा बोलकर 04 लाख 49 हजार रूपए एवं लगभग 780 ग्राम सोने के जेवरात चोरी कर लिए गए थे।
उन्होंने बताया कि इसके लिए अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पारूल शर्मा एवं बंडोल थाना प्रभारी पी.एल. देशमुख के नेतृत्व में जांच दल गठित कर अज्ञात आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए गए। इस दौरान लोगों से पतासाजी एवं सीसीटीवी फुटेज खंगालने के उपरांत मुखबिर सूचना के आधार पर 13 अक्टूबर को जानकारी मिली कि एक अज्ञात व्यक्ति बस में बैठकर सिवनी की ओर जा रहा था जिसके पास बैग में कुछ भरा हुआ था और वह वारदात की रात संलिप्त लोगों जैसे हुलिए का था।
उन्होंने बताया कि बस की घेराबंदी कर उक्त व्यक्ति को बस से उतारा गया और उसकी तलाशी लिए जाने पर पहले तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा, पर बाद में उसके पास बैग के अंदर पांच सौ और दो हजार रूपए के कुछ नोट मिले। उससे जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसके द्वारा अन्य साथियों के साथ अपराध कारित करने की बात स्वीकार की गई।
उक्त व्यक्ति का नाम धर्मेंद्र धुर्वे था और उसके बताए आनुसार जांच दल को जबलपुर, मण्डला एवं डिंडोरी के लिए रवाना किया गया। जबलपुर में कलेक्ट्रेट के गेट नंबर दो के पास चाय की दुकान पर कुछ लोग खड़े दिखे, जिस पर धर्मेंद्र धुर्वे ने जांच दल को बताया कि वे लोग उस रात की वारदात में शामिल थे।
इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो आरोपियों ने बताया कि उनके द्वारा रूपए तो आपस में बांट लिए गए थे, पर सोना जबलपुर के एक जेवरात व्यापारी गोलू सराफ जिसकी नवदीप ज्वेलर्स है को बेचना बताया गया। इन सभी के द्वारा इस चोरी की वारदात में तीन अलग अलग वाहनों का प्रयोग किया गया था।
आरोपियों में सबसे ज्यादा राशि जबलपुर के केंट में पदस्थ राकेश कुमार चौधरी निवासी मुंगवानी रोड सिवनी हाल मुकाम जबलपुर के पास से 07 लाख रूपए और एक बुलेरो क्रमांक एमपी 24 टी 1555 एवं एक मोबाईल, अमित सिंह निवासी जबलपुर के पास से पांच लाख 15 हजार एवं एक मोबाईल तथा एक जेस्ट कार क्रमांक एमपी 20 सीई 5494, राधेश्याम निवासी डूंडा सिवनी के पास से 30 हजार रूपए नकद एवं एक मोबाईल फोन, द्वारका निवासी जबलपुर के पास से दो लाख 60 हजार रूपए एवं एक मोबाईल फोन, देवेंद्र पाठक निवासी हनुमान ताल जबलपुर के पास से 04 लाख 29 हजार रूपए एवं एक मोबाईल फोन, इसके अलावा आरोपी राजेश भांगरे उर्फ खन्ना निवासी विजय नगर जबलपुर के घर के सामने से एक आई 20 कार क्रमांक एमपी 20 केसी 0452 बरामद की गई है। इस तरह आरोपियों के पास से 46 लाख 55 हजार रूपए का मशरूका बरामद किया गया है। आरोपियों में एक मीडिया कर्मी रांझी निवासी सनी जोजफ पिता पीपी जोजफ को भी धर दबोचा है।

पहले की जबलपुर में कोशिश!

इधर, पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि आरोपियों के द्वारा इस पूरे मामले में पेशेवर चोर धर्मेंद्र पिता सुखराम सैयाम निवासी भीमपार थाना शाहपुरा जिला जबलपुर को चोरी के लिए किराए पर लिया गया था। सूत्रों की मानें तो आरोपियों ने इसके पहले जबलपुर के राजा सोनकर के निवास पर चोरी की कोशिश की गई थी, किन्तु वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को देखकर धर्मेंद सैयाम ने मना कर दिया, फिर इनके द्वारा समदड़िया ज्वेलर्स के आवास पर चोरी करने की कोशिश की गई, किन्तु वहां पुलिस को देखकर ये भाग खड़े हुए।

पूर्व वनकर्मी ने की थी रैकी!

पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को यह भी बताया कि इस पूरे मामले में पूर्व वन कर्मी राधेश्याम पिता ताराचंद टेम्भरे निवासी बरघाट, हाल मुकाम डूंडा सिवनी के द्वारा बखारी में घटना स्थल की रैकी की गई थी।

धर्मेंद्र गया था छुपाए पैसे वापस लेने!

सूत्रों ने यह भी बताया कि आरोपी धर्मेंद्र सैयाम के द्वारा कुछ राशि को गांव के पास ही कहीं छिपा दी गई थी। बाद में वह अपनी उस छिपाई रकम को ढूंढने बखारी गया था। उसके जूते आदि को देखकर गांव के लोगों ने उसे पहचाना और इसकी सूचना पुलिस को दी।

मिस्टर इंडिया के नाम से प्रसिद्ध है धर्मेंद्र!

सूत्रों ने यह भी बताया कि आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि हायर किए गए चोर धर्मेंद्र सैयाम जबलपुर में मिस्टर इंडिया के नाम से प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि धर्मेंद बैठे बैठे ही अदृश्य हो जाता है। संभवतः यही कारण है कि बखारी में चोरी के बाद के जो सीसीटीवी फुटेज में पैदल जाते आरोपी दिख रहे हैं।

एक आरोपी करता है जपनी

पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को यह भी बताया कि आरोपी मूलतः धनवर्षा के चक्कर में कछुआ, उल्लू आदि के तंत्र का उपयोग करने में विश्वास रखते हैं। इसमें से एक आरोपी जपनी भी करता है, जिससे घर के लोग निंद्रा मग्न हो जाते हैं।

बरगी में किया था मोबाईल बंद

सूत्रों ने यह भी बताया कि आरोपी अपने अपने साधनों से बरगी पहुंचे, जहां उन्होंने एक ढाबे में खाना खाया और उसके बाद सिवनी की ओर दो वाहनों से कूच कर गए। घटना को अंजाम देने के बाद सुबह बरगी पहुंचकर आरोपियों ने मोबाईल पुनः चालू कर लिया था।