सीएमएचओ कार्यालय में बज रही उलटबंसी!

आखिर किसने दिया चौकसे को स्थापना का प्रभार! सवा महीने तक प्रभार क्यों नहीं सौंपा निलंबित लिपिक कटरे ने! वरिष्ठ लिपिक करेंगे कनिष्ठ के अधीन काम!
(संजीव प्रताप सिंह)


सिवनी (साई)। स्वास्थ्य विभाग के मुखिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में उलट बंसी बजती दिख रही है। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा एक निलंबित लिपिक के लगभग सवा माह में भी दूसरे लिपिक को कार्यभार नहीं सौंपने के मामले को प्रमुखता से प्रसारित किए जाने के उपरांत सोमवार को अंततः लिपिक के द्वारा प्रभार दूसरे लिपिक को सौंप दिया गया है।
सीएमएचओ कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा के पास नर्सिंग की स्थापना के प्रभारी लिपिक अजय कटरे की शिकायतें पहुंचने के बाद प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव के द्वारा उन्हें 13 सितंबर को निलंबित कर दिया गया था। उनका प्रभार सहायक ग्रेड 03 के रूप में पदस्थ विक्रम सिंह ठाकुर को सौंपने के आदेश जारी किए गए थे।
सूत्रों ने बताया कि जब विक्रम सिंह ठाकुर को 22 सितंबर तक अजय कटरे के द्वारा प्रभार नहीं सौंपा गया तो विक्रम सिंह ठाकुर ने प्रभार लेने में अनिच्छा जाहिर किए जाने के बाद 22 सितंबर को प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव के द्वारा एक नया आदेश जारी किया गया जिसमें अजय कटरे का प्रभार सहायक ग्रेड 03 के रूप में पदस्थ हिमांशु चौकसे को सौंपने के आदेश जारी कर दिए गए।
सूत्रों ने यह भी बताया कि 13 सितंबर से 18 अक्टूबर तक निलंबित लिपिक के द्वारा प्रभार क्यों नहीं सौंपा गया इस मामले में प्रभारी सीएमएचओ के द्वारा अजय कटरे को कारण बताओ नोटिस जारी करने की जहमत भी नहीं उठाई, जबकि यह मामला प्रभारी मंत्री के संज्ञान में आने के बाद कम से कम निलंबित लिपिक अजय कटरे को एससीएन तो जारी ही किया जाना चाहिए था। यह बात उच्चाधिकारी तसदीक कर सकते हैं कि अजय कटरे के द्वारा विक्रम सिंह के बजाए दूसरा आदेश जारी होने के बाद हिमांशु चौकसे को प्रभार सौंपा गया है।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को यह भी बताया कि सीएमएचओ कार्यालय में लालफीताशाही का आलम यह है कि 22 सितंबर को जारी आदेश में स्पष्ट रूप से रिमार्क कॉलम में इस बात का उल्लेख किया गया है कि हिमांशु चौकसे जो सहायक ग्रेड 03 हैं को आवश्यकता के अनुसार सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ वरिष्ठ लिपिक (सहायक ग्रेड 02) संजय तिवारी सहयोग प्रदाय करेंगे। सूत्रों की मानें तो वस्तुतः होना यह चाहिए था कि किसी वरिष्ठ लिपिक को यह प्रभार सौंपा जाकर उनके सहयोग के लिए किसी कनिष्ठ लिपिक को सहयोग के लिए निर्देशित किया जाता।
सूत्रों कहा कि चूंकि सीएमएचओ कार्यालय में बाबूराज जमकर हावी हो चुका है अतः प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी उन्हीं आदेशों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर हैं जो आदेश बनाकर लिपिक उनके पास ले जाते हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि प्रभारी सीएमएचओ अपनी मर्जी से किसी भी आदेश में (कारण चाहे जो भी हो) एक लाईन भी जोड़ने या काटने की स्थिति में नहीं रहते हैं, वरना एक कनिष्ठ लिपिक के सहयोग के लिए वरिष्ठ लिपिक को निर्देश देने के पहले प्रभारी सीएमएचओ डॉ. राजेश श्रीवास्तव विचार अवश्य करते।