सिवनी के वकील के चलते एक बार फिर बदल सकता है कमलापति रेल्वे स्टेशन का नाम!

जनहित याचिका के बाद लगने लगे तरह तरह के कयास!
(नंद किशोर)


भोपाल (साई)। मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय में प्रदेश की राजधानी भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर कमलापति रेलवे स्टेशन किए जाने की जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। प्रशासनिक न्यायाधीश शील नागू व न्यायमूर्ति सुनीता यादव की युगलपीठ ने जनहित याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित कर बाद में सुनाने की व्यवस्था दी।
दरअसल, प्रदेश के सिवनी जिले के कुरई तहसील निवासी वकील अहमद सईद कुरैशी की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी, इस याचिका में कहा गया था कि 1973 में एक मुस्लिम गुरु हबीब मियां ने स्टेशन के लिए रेलवे को जमीन दान दी थी। तब से इसे हबीबगंज स्टेशन के नाम से जाना जाने लगा। वहीं, दूसरी ओर 12 नवम्बर, 2021 को केंद्र व राज्य सरकार की सहमति से रेलवे बोर्ड ने इस स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन कर दिया।
वहीं, अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने कोर्ट को बताया कि जनहित याचिकाकर्ता ने इसके खिलाफ राष्ट्रपति को अभ्यावेदन देकर मुस्लिमों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि देश के महामहिम राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि मुस्लिम धर्मावलंबियों की भावनाओं का आदर करते हुए स्टेशन का नाम पूर्ववत हबीबगंज किया जाना चाहिए। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नही हुई तो कोर्ट की शरण ली गई।
उधर, उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने याचिका का विरोध करते हुए स्टेशन के नामकरण को उचित बताया। उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली का कहना था कि इतिहास के स्वर्णिम पलों की स्मृति सहेजने के लिए स्टेशन का नाम बदला गया है। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया।
इसके साथ ही प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित देश के सबसे अत्याधुनिक कमलापति रेलवे स्टेशन के नाम एक बार फिर बदलने की अटकलें चर्चा में आने लगी हैं। इस बार की चर्चाएं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लगी याचिका में दिए गए तर्क के आधार पर आ रही हैं।
यहां आपको बताना लाजिमी होगा कि भोपाल में स्थित जब से ये रेलवे स्टेशन वजूद में आया है, इसका नाम हबीबगंज स्टेशन रहा है। क्योंकि, इस स्टेशन के लिए जमीन हबीब मियां द्वारा ही दान की गई थी। सरकार ने इसका नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन कर दिया है, तभी से इस स्टेशन के नाम पर सियासत भी जारी है।
यहां यह भी उल्लेखनीय होगा कि इस स्टेशन को देश का सबसे आधुनिक स्टेशन भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें पीपीपी मोड के तहत शुरू की गई सुविधाएं अपने आप में अंतरराष्ट्रीय स्तर की हैं। हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित किए गए स्टेशन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। स्टेशन का नाम बदलने के लिए सरकार ने भी आनन-फानन में फैसला लिया था। तुरंत ही नाम बदलते हुए रानी कमलापति स्टेशन के नाम से उद्घाटन भी कर दिया।