शराब बंदी के लिए उमा भारती ने दी 14 फरवरी की नई तारीख

तारीख पर तारीख दे रहीं हैं उमा भारती : नरेंद्र सलूजा
(नंद किशोर)


भोपाल (साई)। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस का तिलिस्म तोड़कर भाजपा को सत्ता में लाने वालीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भले ही प्रदेश में शराबबंदी की बातें करतीं हों, पर सूबे के निजाम शिवराज सिंह चौहान के द्वारा उनकी मंशाओं को दरकिनार करते हुए शराब की नई नीति लागू करने की कवायद की जा रही है।
वैसे देखा जाए तो कुछ समय तक शांत रहीं उमा भारती एक बार फिर सुर्खियों में दिख रहीं हैं। उनके द्वारा अब 14 फरवरी (इस दिन वेलंटाईन डे भी रहता है) से शराब बंदी अभियान आरंभ करने की बात कही है। उन्होंने यह जानकारी ट्वीट के जरिए दी है।
यहां यह उल्लेखनीय होगा कि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती कुछ समय से अपनी ही सरकार को शराबबंदी को लेकर घेर रही हैं। इससे पहले भी वे 8 मार्च 2021 (महिला दिवस) से शराबबंदी को लेकर अभियान चलाने का ऐलान कर चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर उनकी मंशाओं पर पानी फेरते हुए प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में शराब को सस्ती करने का ऐलान किया है। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि इससे अवैध शराब की बिक्री कम होगी।
उमा भारती ने एक के बाद एक ट्वीट कर 10 अहम बिन्दू साझा किए हैं। इसमें उन्होंने कहा है कि मध्य प्रदेश में नशाबंदी होकर रहेगी। यह अभियान सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि शराब और नशे के खिलाफ है। बीजेपी-कांग्रेस और सरकार में बैठे कुछ लोगों को समझा पाना भी कठिन काम है।
उमा भारती ने कहा कि अभियान को लेकर पहले चरण की चर्चा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवकों, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कठिनाई के कुछ हिस्से अभी भी मौजूद हैं। इस कारण अभियान की शुरूआत से पूर्णता तक मुझे स्वयं पूरी तरह से सजग एवं संलग्न रहना होगा। जिसके लिए मैं तैयार हूं।

तारीख पर तारीख दे रहीं हैं उमा भारती : नरेंद्र सलूजा

इधर, उमा भारती की इस घोषणा पर कांग्रेस ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मध्य प्रदेश में शराबबंदी के अभियान को शुरू करने को लेकर लगातार तारीख पर तारीख देती जा रही है।
नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि पहले उन्होंने 08 मार्च से शराबबंदी के अभियान को प्रारंभ करने की बात कही थी, तब भी उन्होंने कोई अभियान शुरू नहीं किया,उसके बाद उन्होंने 15 जनवरी से लट्ठ लेकर सड़क पर उतरने की बात कही थी, उनकी यह घोषणा भी अभी तक पूरी नहीं हो पाई और अब उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से 14 फरवरी, वेलेंटाइन डे से इस अभियान को प्रारंभ करने की बात कही है।
नरेंद्र सलूजा ने उनकी इस नई घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा वह स्पष्ट करें कि आखिर क्या कारण है कि उनके इस अभियान की तारीख बार-बार बढ़ती जा रही है? उनके इस निर्णय में आखिर बाधक कौन है? उन्होंने लिखा है कि भाजपा और सरकार में बैठे हुए लोगों को इसके लिए समझा पाना भी एक कठिन काम है तो ऐसे कौन-कौन लोग हैं,जिनको वह समझा नहीं पा रही हैं?
साथ ही उन्होंने लिखा है कि उनके पहले दौर की बातचीत आरएसएस के स्वयंसेवकों, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान से हो चुकी है तो उनको इस पहले दौर की बातचीत को सार्वजनिक करना चाहिए कि उनकी क्या बातचीत हुई, किस-किससे हुई, उन्होंने शराबबंदी को लेकर इनको क्या प्रस्ताव दिए, उन प्रस्तावों पर इन लोगों की सहमति है या नहीं, क्या यह निर्णय आरएसएस लेगी, यह सब बातें उन्हें स्पष्ट करना चाहिए?
उन्होंने कहा कि उमा भारती कह रही है कि मध्य प्रदेश में शराबबंदी होकर रहेगी, इस संबंध में वह प्रतिदिन संवाद करेगी, तो वह बताये कि यह निर्णय प्रदेश में आख़िर कब तक लागू होगा, कब वो सड़कों पर उतरेगी क्योंकि भाजपा तो लगातार उनकी इस घोषणा का उपहास उड़ा रही है।
नरेंद्र सलूजा ने चुटकी लेते हुए कहा कि शिवराज सरकार ने तो नई आबकारी नीति के माध्यम से शराब को घर-घर पहुंचाने का प्रबंध कर, उनकी इस घोषणा को खुली चुनौती दे ही दी है, वही प्रदेश के मंत्री भी उनकी इस घोषणा को चुटकुले बाजी बताकर उनका मजाक उड़ा रहे हैं।
वे कहते हैं कि उमा भारती को बताना चाहिए कि उनका अगला कदम क्या होगा और हर बार की तरह वेलेंटाइन डे, 14 फरवरी की उनकी अगली घोषणा भी सिर्फ़ हवा- हवाई घोषणा बन कर तो नहीं रह जायेगी?