बिना ओबीसी आरक्षण के ही होंगे प्रदेश में पंचायत चुनाव!

दो सप्ताह के अंदर जारी करना होगा पंचायत चुनाव की अधिसूचना . . .
(ब्यूरो कार्यालय)
नई दिल्ली (साई)। मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की शीर्ष अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार को निर्देश दिए हैं।
बताया जाता है कि इसमें स्थानीय निकायों के चुनाव कार्यक्रम को दो सप्ताह के भीतर अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश उन जगहों के लिए है, जहां चुनाव होने वाले हैं। कुछ महीने पहले ही ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार ने चुनाव स्थगित कर दिया था।
हाईकोर्ट ने अपने निर्देश में कहा है कि ओबीसी समर्थक पार्टियां स्थानीय निकाय चुनावों में सामान्य श्रेणी की सीटों के लिए ओबीसी उम्मीदवारों को नामित करने के लिए स्वतंत्र हैं। प्रदेश में अब पंचायत और निकाय चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के होंगे। कोर्ट ने कहा है कि जो पार्टियां ओबीसी आरक्षण देना चाहती हैं, वह सामान्य सीट पर ओबीसी कैंडिडेट को स्थानीय निकाय चुनाव में खड़ा कर सकते हैं।
दरअसल, राज्य सरकार की ओर से पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की थी। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और आज अपना फैसला सुनाया है। राज्य सरकार ने कोर्ट के आदेश के अनुसार ट्रिपल टेस्ट नहीं करा सका। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट को पूरा करने के लिए और समय नहीं दिया जा सकता है।
कोर्ट के फैसले पर सीएम शिवराज सिंह चौहान की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा है कि हमने आदेश नहीं देखा है। प्रदेश में पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ ही होंगे। इसके लिए हम कोर्ट में रिव्यू याचिका दायर करेंगे। इसके साथ ही हम फिर से आग्रह करेंगे कि स्थानीय चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ ही हो।