ब्रहस्पतिवार को मुख्यमंत्री सिवनी प्रवास पर रहेंगे!

किसके निर्देश पर सीएमएचओ ने लगाई चिकित्सकों की ड्यूटी सहित व्यवस्थाएं!
(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। जिले के स्वास्थ्य विभाग में सब कुछ शायद सामान्य नहीं चल रहा है। ब्रहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के सिवनी के संभावित प्रवास को लेकर वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने, एवं मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल के तहत स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां करने के निर्देश विभाग के प्रभारी सीएमएचओ के द्वारा मंगलवार की रात को दिए गए थे जो चर्चाओं में हैं।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव के करीबी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मंगलवार को देर रात (कहा जाता है कि यह वक्त सोडे की डकारों और धुंए के छल्लों के लिए मुफीद माना जाता है) प्रभारी सीएमएचओ डॉ. श्रीवास्तव को मोबाईल पर एक फोन के जरिए कुछ सूचना मिली।
सूत्रों ने बताया कि इस सूचना में पुलिस कंट्रोल रूम के द्वारा उन्हें कथित तौर पर यह सूचना दी गई कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ब्रहस्पतिवार को उस जिले के दौरे पर रहेंगे जिस जिले में डॉ. राजेश श्रीवास्तव पदस्थ हैं। डॉ. श्रीवास्तव ने इसकी तसदीक किए बिना ही आनन फानन देर रात को ही अपने मातहतों को सीएम के प्रोटोकॉल के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग की मुकम्मल व्यवस्थाएं करने के निर्देश दे दिए।
सूत्रों ने आगे बताया कि इसके उपरांत बुधवार को सुबह स्वास्थ्य विभाग का एक वाहन सारी व्यवस्थाओं से लैस होकर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच गया, पर कंट्रोल रूम को ही इस बात का पता नहीं था कि मुख्यमंत्री सिवनी आने वाले हैं। इतना ही नहीं विभाग के जिला प्रमुख के निर्देश पर जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों को भी ब्रहस्पतिवार को सीएम के कार्यक्रम में ड्यूटी करने के लिए पाबंद कर दिया गया।
सूत्रों का कहना था कि प्रभारी सीएमएचओ डॉ. राजेश श्रीवास्तव को चाहिए था कि बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों से इस बात की तसदीक कर ली जाती कि मुख्यमंत्री ब्रहस्पतिवार को कितने बजे आ रहे हैं! वे कहां कहां जाएंगे! आदि बातें अगर प्रभारी सीएमएचओ के द्वारा पता कर ली जाती तों, स्वास्थ्य विभाग के जिन अधिकारियों की ड्यूटी उनके द्वारा ब्रहस्पतिवार को लगाई गई थी वे अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे पाते, क्योंकि सीएम का सिवनी दौरान ब्रहस्पतिवार को प्रस्तावित था ही नहीं!
सूत्रों ने कहा कि यह माक ड्रिल का हिस्सा तो कतई नहीं हो सकता है, क्योंकि इस कवायद के बाद प्रभारी सीएमएचओ की ओर से किसी तरह का वक्तव्य भी नहीं आया है। वर्तमान में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और स्थानीय निकायों के चुनावों की प्रक्रिया जारी है, इस लिहाज से जिला कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग को चाहिए कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएं कि किसके फोन करने के बाद प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव के द्वारा बिना किसी वजह के स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें परेशान किया गया।