(ब्यूरो कार्यालय)
मेरठ (साई)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रयाग महाकुंभ के लिए चलाए जा रहे एक थाली, एक थैला अभियान के तहत दौराला मंडल से भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने 33 थाली और थैला देकर सहयोग किया।
दौराला के भाजपा मंडल अध्यक्ष मनिंदर विहान के नेतृत्व में उनकी टीम ने सहयोग किया। जिला पर्यावरण संरक्षण अधिकारी फौजी ऋषिपाल सिंह को उन्होंने थाली और थैला दिए। मनिंदर विहान ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इस प्रयास से पर्यावरण, साफ- सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा, साथ ही महाकुंभ को प्लास्टिक मुक्त रखा जाएगा। इस दौरान हरेंद्र चौधरी, भारत, प्रशांत, प्रताप चौधरी, सेंसर, राहुल, अमित गुप्ता, सचिन उपाध्याय, रजत आदि मौजूद रहे।
महाकुंभ 2025 में बढ़ती प्लास्टिक कचरे की समस्या
प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है। यह नदियों, समुद्रों और भूमि को प्रदूषित करता है, जिससे कई जीव-जंतुओं की जान जाती है। प्लास्टिक का अपघटन बहुत धीमी गति से होता है, जिससे पर्यावरण को लंबे समय तक नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा महाकुंभ 2025 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालु भाग लेंगे, जिससे बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होगा, जिसमें प्लास्टिक भी शामिल है। यदि इस कचरे का उचित प्रबंधन नहीं किया जाता है, तो इसके परिणामस्वरूप:
नदियों और जल स्रोतों का प्रदूषण
वन्यजीवों और समुद्री जीवन को नुकसान
मिट्टी का प्रदूषण और क्षरण
स्वास्थ्य के लिए खतरा
महाकुंभ 2025 को कचरा मुक्त बनाने हेतु समाधान: थाली और थैला अभियान
प्लास्टिक कचरे की समस्या का समाधान करने के लिए, आरएसएस ने थाली और थैला अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को कपड़े के थैले और स्टील की थालियां वितरित करना है।
कैसे बनें अभियान का हिस्सा और पाएं महाकुम्भ 2025 का पुण्य घर बैठे ही . . .
अगर आप भी इस एक थैला, एक थाली अभियान महाकुंभ 2025 का हिस्सा बनाना चाहते हैं तथा इस महापर्व को स्वच्छ रखने हेतु मदद करना चाहते हैं तो आप पर्यावरण संरक्षण गतिविधि विभाग को ऑनलाइन सहायता राशि भेज सकते हैं। आपके द्वारा भेजी गई राशि द्वारा विभाग के कार्यकर्ताओं द्वारा एक थैला तथा एक थैला खरीद कर महाकुम्भ 2025 में गरीबों, श्रद्धालुओं, साधु – संतों, माताओं – बहनों को वितरित किया जायेगा। आप अपने द्वारा दिए जाने वाले थैले पर अपना नाम लिखवा सकते हैं तथा साथ ही आप महाकुम्भ की बधाई, साफ़ सफाई तथा सुरक्षित महाकुम्भ हेतु अपना सन्देश भी दे सकते हैं। आप ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस सन्देश को पहुंचा कर भी इस पवित्र महापर्व को सुरक्षित व साफ़ – सुन्दर बनाने में मदद कर सकते हैं।
इसके अलावा आप इसमें इसमें आप निम्नलिखित माध्यमों से भी अपना योगदान कर सकते हैं:
कपड़े के थैले दान करें: आप नए या पुराने कपड़े के थैले दान कर सकते हैं, जो श्रद्धालुओं को वितरित किए जाएंगे।
स्टील की थाली दान करें: आप स्टील की थाली दान कर सकते हैं, जो श्रद्धालुओं को भोजन परोसने के लिए उपयोग की जाएंगी।
स्वयंसेवक बनें: स्थानीय स्वयंसेवक संगठनों से संपर्क करें और स्वयंसेवक बनकर इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें।
जागरूकता फैलाएं: अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय को इस अभियान के बारे में बताएं। सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलाएं और हैशटैग #PlasticMuktMahakumbh का उपयोग करें।
महाकुंभ 2025 मेला के दौरान पर्यावरण की रक्षा
महाकुंभ 2025 के दौरान पर्यावरण की रक्षा करना बहुत महत्वपूर्ण है। यह आयोजन बड़े पैमाने पर होता है, जिससे पर्यावरण पर इसका प्रभाव पड़ता है।
पर्यावरण की रक्षा के लिए कुछ उपाय:
प्लास्टिक का उपयोग न करें: कुंभ मेला में प्लास्टिक का उपयोग न करने का प्रयास करें।
कूड़ा-कचरा न फैलाएं: कुंभ मेला में कूड़ा-कचरा न फैलाएं और इसके लिए निर्धारित स्थानों पर ही कूड़ा-कचरा फेंकें।
पेड़ों की रक्षा करें: कुंभ मेला में पेड़ों की रक्षा करने का प्रयास करें।
जल संरक्षण करें: कुंभ मेला में जल संरक्षण करने का प्रयास करें।
कुंभ मेला के दौरान सामाजिक दायित्व का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है। यह आयोजन बड़े पैमाने पर होता है, जिससे समाज पर इसका प्रभाव पड़ता है।
सामाजिक दायित्व के लिए कुछ उपाय:
गरीबों और असहायों की मदद करें: कुंभ मेला में गरीबों और असहायों की मदद करने का प्रयास करें।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा करें: कुंभ मेला में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा करने का प्रयास करें।
विकलांगों की मदद करें: कुंभ मेला में विकलांगों की मदद करने का प्रयास करें।
सामाजिक एकता को बढ़ावा दें: कुंभ मेला में सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का प्रयास करें।
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आकाश कुमार ने नई दिल्ली में एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से मास्टर्स की डिग्री लेने के बाद देश की आर्थिक राजधानी में हाथ आजमाने की सोची. लगभग 15 सालों से आकाश पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं और समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के मुंबई ब्यूरो के रूप में लगातार काम कर रहे हैं.समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
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