सोनोग्राफी सेंटर्स का हो सतत निरीक्षण

 

जिलाधिकारी प्रवीण सिंह ने दिये निर्देश

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। प्रसव पूर्व निदान तकनीकी अधिनियम के तहत गठित जिला सलाहकार समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गयी।

इस दौरान सीएमएचओ डॉ.के.सी. मेश्राम ने बताया कि जिले में 02 ईको कॉडिर्याेग्राफी सेंटर व 07 सोनोग्रोफी सेंटर क्रियाशील हैं जिसमें कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर प्रवीण सिंह ने निर्देशित किया कि 90 दिनों की अवधि में सभी क्रियाशील सोनोग्राफी सेंटर का एक-एक बार निरीक्षण अनिवार्य रूप से हो जाये। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक के पूर्व हम कम से कम एक व्यक्ति अथवा संस्था को एक्ट का उल्लंघन करने पर चिन्हित कर पकड़ें और उसके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही प्रकरण पंजीबद्ध करायें यह हमारा लक्ष्य होगा।

कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को विकास खण्ड व ग्राम स्तर पर होने वाली बैठकों में अपने निचले अमले से भू्रण लिंग परीक्षण की चर्चा करने को कहा गया। उन्होंने निचले अमले को विश्वास में लेने की सलाह दी ताकि वे बता सकें कि यह गैर कानूनी कार्य कहाँ पर हो रहा है और हम अपने लक्ष्य तक आसानी से पहुँच सकें।

उन्होंने कहा कि इस कार्य में पुलिस इत्यादि की जो मदद होगी वह प्रशासन द्वारा की जायेगी परन्तु हमारा चैंलेज इस नेटवर्क को तोड़ना होगा। जिला सलाहकार समिति की बैठक में नोडल अधिकारी डॉ.एच.पी. पटेरिया, सिविल सर्जन डॉ.विनोद नावकर, पैथोलोजिस्ट डॉ.हर्ष वर्धन जैन, महिला एवं बाल विकास अधिकारी साधना पाठक, डीपी एचएनओ के कुमरे मीडिया अधिकारी एस.के. भोयर उप मीडिया अधिकारी शांति डहरवाल व अशासकीय सदस्य आदि उपस्थित रहीं।

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