नरेंद्र ठाकुर से उम्मीदें!

 

(शरद खरे)

अनेक सामाजिक संस्थाओं से जुड़े भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष नरेंद्र गुड्डू ठाकुर को रेल परामर्शदात्री समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। सिवनी जिले में रेल से संबंधित बातों को इस समिति की बैठक में नरेंद्र ठाकुर के द्वारा प्रभावी तरीके से उठाया जा सकेगा।

सिवनी जिले से होकर गुजरने वाला रेल खण्ड दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे का अंग है। सिवनी में रेल मार्ग एक सदी पुराना है। इस रेल मार्ग का अमान परिवर्तन का काम अब तक हो जाना चाहिये था। यह तय समय से विलंब से चल रहा है। इसका काम जिस गति से चल रहा है उसे देखते हुए यही लग रहा है कि यह काम आने वाले दो-तीन सालों में पूरा होने वाला नहीं है।

सिवनी के नागरिकों के दिल में निश्चित तौर पर एक पीड़ा सालती होगी और वह पीड़ा है बिना प्रस्ताव के ही सिवनी लोक सभा का विलोपन। उस समय तत्कालीन सांसदों, विधायकों और कद्दावर नेताओं के कथित तरीके से मौन रहने का परिणाम था कि सिवनी लोक सभा को बिना प्रस्ताव के ही विलोपित कर दिया गया था।

नये परिसीमन और पुर्नआरक्षण में सिवनी जिले की पाँच में से शेष रह गयीं चार विधान सभाओं को मण्डला और बालाघाट संसदीय क्षेत्र में शामिल कर दिया गया था। सिवनी और बरघाट विधान सभा को बालाघाट लोकसभा में तो केवलारी और लखनादौन को मण्डला लोकसभा में शामिल किया गया था।

इस लिहाज से सिवनी का प्रतिनिधित्व इसके उपरांत दो-दो सांसदों के द्वारा किया जाने लगा। चूँकि सियासी दलों के द्वारा सांसद पद के लिये प्रत्याशियों का चयन डिंडोरी, मण्डला और बालाघाट जिलों से किया जाता रहा है इसलिये सिवनी जिला शायद उनकी प्राथमिकता में अंतिम स्थान पर ही रहा होगा।

केंद्र की योजनाओं में जिस तरह से सिवनी जिले को उपेक्षित रखा जाता रहा है उससे यही प्रतीत होता है कि सिवनी जिले के हितों की बातों को दो-दो सांसदों के द्वारा लोकसभा या केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से नहीं रखा गया। सिवनी में फोरलेन पर बनने वाले ट्रामा केयर यूनिट को भी अब तक नहीं बनाया गया है।

इसी तरह रेल के अमान परिवर्तन में भी तेजी लाने के लिये सांसदों के द्वारा प्रयास नहीं किये गये हैं, वरना क्या कारण है कि पड़ौसी जिलों में अमान परिवर्तन का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है तो सिवनी में यह काम मानों रेंग रहा है।

अब नरेंद्र ठाकुर जैसे युवा को रेल परामर्शदात्री समिति में स्थान मिला है तब उम्मीद की जानी चाहिये कि उनके द्वारा सिवनी जिले के हितों को ध्यान में रखकर समिति की बैठक में जिले से जुड़े मामलों को पुरजोर तरीके से उठाया जायेगा। छिंदवाड़ा से सिवनी होकर नैनपुर मार्ग का अमान परिवर्तन जल्द से जल्द हो तथा अगर सिवनी को कटंगी से रेल मार्ग के जरिये जोड़ दिया जाता है तो रायपुर और नागपुर से इटारसी होकर जबलपुर जाने वाली मालवाहक और यात्री वाहक रेल गाड़ियों को यहाँ से होकर गुजारा जा सकता है। देखा जाये तो यह काम सांसदों का था, किन्तु . . .!

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