दलसागर की हुई थी उस समय सफाई

 

 

सिवनी में पदस्थ रहे पुलिस अधीक्षक हरि शंकर सोनी की फेसबुक वाल से

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। 1983 से 1986 तक सिवनी जिले में बतौर पुलिस अधीक्षक पदस्थ रहे हरि शंकर सोनी वैसे तो सिवनी के दामाद भी हैं। वे वर्तमान में सेवा निवृत्ति के उपरांत भोपाल में निवासरत हैं। सिवनी में अपनी तैनाती के दौरान उनके द्वारा संस्मरणों को सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि हम जिले की नयी पीढ़ी को उन संस्मरणों से रूबरू करवायें और प्रौढ़ या उमरदराज हो रही पीढ़ी को दो तीन दशक पहले के परिदृश्य में ले जायें..

मेरे सिवनी स्थापना के दौरान जिले में तीन कलेक्टर साहब आये औऱ गये। तीनों ही विकासोन्मुख प्रवृत्ति के थे। इसका मैंने फायदा उठाया। ससुराल होने से मेरा उद्देश्य था कि हम सिवनी में ज्यादा से ज्यादा विकास कार्य करवा सकें। मेरा पहला कदम ऐतिहासिक दलसागर की सफ़ाई का था।

इस काम को स्थानीय जनता की मदद से पूर्ण कराया गया। पूरा तालाब गर्मियों में खाली कराया गया फिर श्रम दान से उसे साफ और गहरा कराया गया। यही अनुभव मुझे भोपाल में भी काम आया। दैनिक भास्कर द्वारा आहूत प्रेसवार्ता के दौरान मैंने यह अनुभव साझा किया। इसका दैनिक भास्कर ने जमकर प्रसार किया और भोपाल में बड़े पैमाने पर जन सहयोग से बड़े तालाब की सफ़ाई और गहरी करण का कार्य संपन्न हुआ।

दूसरा कार्य रुखड़ में टूरिस्ट हट का निर्माण कार्य करने का था, जिससे वहाँ आकर टूरिस्ट रुक सकें और जंगल सफारी का मजा ले सकें। इस हेतु सिवनी के जंगल को बायसन लेंड का नाम भी दिया गया।

सिवनी में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी इनका भरपूर सहयोग मिला, जिन पर मैंने वीडियो फिल्म का निर्माण कराया। इसको आम जनता द्वारा काफी वाहवाही मिली। महावीर जयंति पर होने वाले अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और ज्यारत नाके पर उर्स के अवसर पर सूफ़ी कव्वाली को भी शामिल किया गया।

पुराने धर्म स्थलों का जीर्णाेंद्धार का भी काम किया गया। इस दौरान सर्किट हाउस के नज़दीक गिरजाघर जो वीरान पड़ा था उसे भी जीवन्त कराया गया। स्कूल कॉलेजांे में स्पोटर््स क्लब बनवाये गये और वहाँ की प्रसिद्ध हॉकी टीम को पुर्नजीवित किया गया। इस प्रकार तत्कालीन कलेक्टरों की पहल पर अनेक जनोन्मुखी कार्य कराये गये।