तीसरे स्थान पर रहे थे मधु भगत

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। बालाघाट संसदीय क्षेत्र से काँग्रेस की ओर से मधु भगत के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी गयी है। मधु भगत की उम्मीदवारी के बाद अब काँग्रेस के नेताओं के द्वारा न तो खुशी जाहिर की जा रही है और न ही विरोध करने का साहस ही उनके द्वारा जुटाया जा पा रहा है।

बालाघाट संसदीय क्षेत्र से काँग्रेस के उम्मीदवार मधु भगत 2013 में परसवाड़ा से विधान सभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसके बाद 2018 में संपन्न हुए विधान सभा चुनावों में वे चुनाव हार गये थे।

2018 के विधान सभा चुनावों में भाजपा के राम किशोर कांवरे को 57 हजार 595 मत मिले थे। वे यहाँ से इस बार विधायक बने हैं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कंकर मुंजारे को 47 हजार 787 मत मिले थे, वे दूसरे स्थान पर रहे थे। 2013 में विधान सभा चुनाव जीतने वाले मधु भगत को 47 हजार 476 मत मिले थे और वे तीसरे स्थान पर रहे थे।

इस बार भाजपा की ओर से अभी प्रत्याशी तय नहीं हो पाया है। इधर, मधु भगत के द्वारा अपना जनसंपर्क भी आरंभ कर दिया गया है।

मधु भगत उस समय चर्चाओं में आये थे जब प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री एवं बालाघाट के प्रभारी मंत्री कमलेश्वर पटेल के वाहन के वे सारथी बने थे। इस दौरान लोगों ने इसे प्रदेश के मंत्री की सुरक्षा में चूक भी माना था, क्योंकि मंत्री के वाहन को किसी दक्ष वाहन चालक के द्वारा चलाया जाना चाहिये था।

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