42 साल बाद मिले हाथ तो सबसे पहले थैंक्स माय लॉड

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। ये हैं नरसिंहपुर जिले के मानेगांव राम नगर निवासी 65 वर्षीय लक्ष्मण सिंह लोधी। 42 साल पहले बिजली लाइन ठीक करते समय झुलस जाने से दोनों हाथ कट गए थे। मेडिकल कॉलेज के स्पाइनल इंज्युरी सेंटर में मंगलवार को नकली हाथ (कृत्रिम अंग) लगाए गए तो उनका चेहरा खिल गया। उन्होंने सबसे पहले कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसके सेठ का शुक्रिया अदा किया। लक्ष्मण के चेहरे पर लौटी मुस्कान को देखते चीफ जस्टिस एसके सेठ।

इस तरह के विशेष शिविर दिव्यांगजनों के लिए दैवीय-वरदान हैं। भविष्य में भी इनका आयोजन होते रहना चाहिए। इस आशय के उद्गार मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसके सेठ ने व्यक्त किए। वे कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण स्थायी केन्द्र के तीन दिवसीय शिविर के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि थे।

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर (जयपुर फुट) और नेताजी सुभाष चंद बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यरोपण स्थायी केन्द्र का विशेष शिविर मंगलवार को उद्घाटित किया गया।

शिविर में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश एचजी रमेश, न्यायमूर्ति सुजय पॉल, न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी, गोहाटी हाईकोर्ट के पूर्व सीजे अजित सिंह, संभागायुक्त राजेश बहुगुणा जिला न्यायाधीश चंद्रेश खरे, महावीर विकलांग समिति के सचिव बीआर मेहता, जीआईसी कंपनी के सीनियर मैनेजर प्रकाश, नेताजी सुभाषचंद बोस मेडिकल कॉलेज के डीन नवनीत सक्सेना सहित हाईकोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारी मौजूद रहे। चिकित्सकगण और विकलांगजन के बीच संवाद हुआ। इसके बाद समस्या को ठीक से समझकर उपचार शुरू किया गया।

भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के स्थायी केन्द्र के शुभारम्भ के लिए हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न प्राधिकरणों के सहयोग से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले दिव्यांगजनों को इस केन्द्र तक लाया गया।

1000 दिव्यांगजन का पंजीकरण किया गया- शिविर के माध्यम से शरद भामकर, सचिव जिला प्राधिकरण जबलपुर के विशेष प्रयास से 1000 दिव्यांगजनों का पंजीकरण किया गया। उन्हें विशेष वाहनों से आयोजन स्थल तक लाया गया। उनके रुकने और खाने की व्यवस्था भी की गयी। केन्द्र मंगलवार से आरम्भ होकर निरंतर कार्यरत रहेगा।

350 कृत्रिम अंग, 300 ट्रायसायकल व 102 श्रवण यंत्र प्रदान किए- केन्द्र के शुभारंभ के साथ ही पहले दिन 350 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग, गए 300 लोगों को ट्राय सायकिल और 102 लोगों को श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक अधिकारी प्रदीप सिंह ठाकुर जिला विधिक सहायता अधिकारी ने किया।

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