मच्छरों की भनभनाहट छीन रही चैन!

 

 

मदमस्त पालिका को नहीं नागरिकों की परवाह!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। मच्छरों की भनभनाहट से लोगों के दिन का चैन और रात की नींद उड़ी हुई है। इस सबसे बेफिक्र नगर पालिका प्रशासन के द्वारा न तो मच्छरों के शमन के लिये उपाय किये जा रहे हैं और न ही फॉगिंग मशीन ही से शहर में केमिकल्स का धुंआ छोड़ा जा रहा है।

दिन भर मेहनत – मशक्कत के बाद जब रात अपने घर में चैन की नींद लेने पहुँचते हैं, तो नींद में खलल डालकर आपको सताने वाले वो दरिंदे मच्छर फिर गर्मी की दस्तक के साथ ही अपने झुण्ड में आकर सताने लगे हैं। इन दरिंदे मच्छरों से छुटकारा पाने की हर कोशिश भी कुछ देर के लिये काम आती है, फिर वही भिनभिनाहट गूंजने लगी है, ऐसे में नींद आने पर भी सो पाना मुश्किल हो जाता है।

गर्मी के मौसम के तेजी से शवाब की ओर बढ़ने के साथ ही मच्छरों की फौज ने रिहायशी इलाकों पर अचानक ही हमला बोल दिया है, जिससे नागरिक हलाकान नजर आ रहे हैं। नगर पालिका परिषद का ध्यान दूसरे जरूरी कामों में उलझा दिख रहा है जिससे वह इस ओर ध्यान नहीं दे पा रही है।

शहर का शायद ही कोई इलाका इससे अछूता होगा जहाँ मच्छरों की टोलियां लोगों को परेशान न कर रही हों। शहर में मच्छरों के आतंक से शाम ढलते ही लोग अपने – अपने घरों की खिड़की और दरवाजे बंद करने पर मजबूर ही नजर आ रहे हैं। शहर में जगह – जगह जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिये उपजाऊ माहौल तैयार कर रहा है।

इसके साथ ही शहर में चारों और पसरी गंदगी और गाजर घास इन मच्छरों के प्रजनन के लिये माकूल माहौल तैयार करती दिख रही है। जगह – जगह नालियों में जमा कचरे के कारण पानी की निकासी न होने से एकत्र पानी में मच्छरों के लार्वा आसानी से देखे जा सकते हैं।

मच्छरों के शमन के लिये नगर पालिका परिषद के द्वारा फॉगिंग मशीन का प्रयोग किया जाता रहा है। पिछले कई सालों से महीने में एकाध बार ही कभी कभार धुंआ उड़ाती फॉगिंग मशीन को देखा गया है। इस साल गर्मी में महज एकाध दिन ही शहर में फॉगिंग मशीन का शोर किसी – किसी क्षेत्र में ही सुनायी दे सका है। इससे उड़ने वाले धुंए में भी केमिकल्स की गंध न के बराबर ही होती है।

लोगों का आरोप है कि ज्यादा शोर शराबा होने पर पालिका के द्वारा फॉगिंग मशीन को व्हीव्हीआईपी इलाकों में ही घुमाया जाता है। फॉगिंग मशीन का शोर अथवा धुंआ कई दिनों से दिखायी नहीं दिया है। जानकारों की मानें तो इस बार सर्दी में महज चार – पाँच दिन ही चौक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की गयी थी, किन्तु पूरी सर्दी भर लकड़ी जलाने के देयकों को पालिका प्रशासन के द्वारा पास करवा दिया गया है। इसी तरह अब तक गर्मी के मौसम में महज एक – दो दिन ही फॉगिंग मशीन चली है पर इसके डीजल, पेट्रोल और केमिकल्स के देयक भी ज्यादा दिनों के लिये पारित करवा दिये जायें तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिये।