रोजाना संस्कृत में बातचीत से होगा अभ्यास

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। संस्कृत भारती के तत्वावधान में स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में संस्कृत संभाषण बालकेन्द्र प्रारंभ किया गया। इसमें बच्चों को सरल माध्यम से संस्कृत को अपने दैनिक जीवन में बोलचाल के रूप मे अपनाने के लिये प्रशिक्षित व प्रेरित किया गया।

वक्ताओं ने समझाया कि बालकेन्द्र में गीत कहानी व दैनिक जीवन में हम संस्कृत का उपयोग बहुत ही सरल ढंग से किस प्रकार कर संस्कृत संभाषण मे निपुण हो सकते हैं, इसका अभ्यास कराया गया।

इस अवसर पर अतिथि दुर्गा शंकर श्रीवास्तव ने बालकेन्द्र के माध्यम से संस्कृत संभाषण के प्रयास की प्रशंसा की व कहा कि संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है जो बोलने व समझने में बड़ी ही सरल व मधुर है। इसको दैनिक जीवन मेे अपनाने से निश्चित ही हमें लाभ होगा। उन्होंने उपस्थित जनों से इस भाषा को सीखकर दैनिक जीवन मे अपनाने का आव्हान किया।

इस अवसर पर डॉ. जागेश्वर पटले ने संस्कृत को एक वैज्ञानिक भाषा बताया और इसकी विशेषताओं से सभी को अवगत कराया और कहा कि हम भी थोड़े से प्रयास से संस्कृत संभाषण में पारंगत हो सकते हैं। इस अवसर पर मुकुंद पाण्डे, संस्कृत प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में महिलाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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