तीन माह में प्लॉट नहीं दिया तो . . .

 

 

 

 

लोटानी होगी 14 प्रतिशत ब्याज के साथ जमा राशि

(ब्‍यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। एक उपभोक्ता ने घर बनाने के लिए बिल्डर के प्रोजेक्ट में प्लॉट की बुकिंग कराई। प्लॉट की कीमत साढ़े छह लाख रुपए थी। इसमें से उसने पौने पांच लाख रुपए जमा कर दिए।

बिल्डर द्वारा प्लॉट को विकसित कर छह माह के अंदर उपभोक्ता को सौंपना था, लेकिन छह साल बाद भी उसे प्लॉट पर कब्जा नहीं मिला। उपभोक्ता ने मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम में की। फोरम ने दिए आदेश में कहा कि परिवादी को अनुबंध अनुसार प्लॉट विकसित कर आधिपत्य न देकर बिल्डर ने सेवा में कमी की है। अतः तीन माह के अंदर उपभोक्ता को प्लॉट का आधिपत्य प्रदान करें।

यदि इस समय में प्लॉट का अधिपत्य नहीं दिया तो बिल्डर को उपभोक्ता को जमा राशि 4,85,000 रुपए अंतिम जमा दिनांक तक 14 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज सहित राशि वापस करना होगा। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति राशि 10 हजार रुपए और वाद व्यय राशि 3 हजार रुपए भी देना होगा।

फैसला जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष आरके भावे, सदस्य सुनील श्रीवास्तव की बेंच ने सुनाया। शाहजहांनाबाद निवासी लीला बाई परदेसाई ने मेसर्स लक्ष्य रियलिटीज प्रालि के डायरेक्टर मनीष वर्मा के खिलाफ याचिका लगाई थी।

यह है मामला

उपभोक्ता ने फंदा स्थित लक्ष्य रियलिटीज प्रालि के आवासीय प्रोजेक्ट डाउन टाउन नेक्स्ट में एक प्लॉट की बुकिंग 13 मई 2014 को कराई। बिल्डर को प्लॉट विकसित कर देना तय हुआ था। प्लॉट का कुल मूल्य 6,27,958 रुपए तय किया गया था। उपभोक्ता ने समझौते के अनुसार चार लाख 85 हजार रुपए अदा किए थे। इसके बाद भी बिल्डर ने प्लॉट विकसित कर परिवादी को आधिपत्य प्रदान नहीं किया। जिससे उन्हें काफी मानसिक परेशानी हुई।

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