आखिर कहाँ गायब हो गया सुमित!

 

 

यूपीएससी की परीक्षा में 53वीं रैंक का किया था दावा

(संतोष बर्मन)

घंसौर (साई)। यूपीएससी की परीक्षा में 53वीं रैंक प्राप्त करने का दावा करने वाले घंसौर के सुमित विश्वकर्मा का अता पता नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा भी उनकी खोज की जा रही है पर सुमित का कहीं पता नहीं चल पा रहा है। सुमित की पत्नि का कहना है कि वे दो तीन दिनों के लिये कहीं गये हैं।

ज्ञातव्य है कि यूपीएससी की परीक्षा में घंसौर तहसील के बम्होड़ी ग्राम के निवासी कृष्ण कुमार विश्वकर्मा के 29 वर्षीय पुत्र समित विश्वकर्मा के द्वारा यह दावा किया गया था कि उनके द्वारा राज मिस्त्री का काम करते हुए यूपीएससी की परीक्षा में 53वीं रैंक प्राप्त की गयी है।

सुमित के पिता के.के. विश्वकर्मा सालों पहले बम्होड़ी ग्राम से आजीविका कमाने के लिये संस्कारधानी जबलपुर चले गये थे। इसके बाद से वे जबलपुर में ही रह रहे हैं। सुमित विश्वकर्मा के द्वारा यूपीएससी की परीक्षा में 53वीं रैंक प्राप्त करने की खबर के बाद देश – प्रदेश के मीडिया के द्वारा उन्हें जमकर कवरेज दिया गया था।

इस मामले में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा उनके मोबाईल नंबर 70677 02484 पर संपर्क किया गया तो लंबे समय तक यह मोबाईल स्विच्ड ऑफ का संदेश ही देता रहा। देर शाम जब मोबाईल लगा तो किसी महिला ने फोन उठाते हुए अपने आप को सुमित की पत्नि बताते हुए कहा कि उनके पति सुमित तीन चार दिन के लिये बाहर गये हुए हैं।

उन्होंने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा के घोषित नतीजों में 53वें स्थान पर सुमित कुमार उनके पति ही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनके पास किसी तरह का पत्र या अंकसूची नहीं आ जाती है तब तक वे इस मामले में किसी तरह की टिप्पणी नहीं कर सकतीं हैं। उन्होंने बताया कि तीन चार दिन बाद उनके पति जब वापस आयेंगे तब ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी।

वहीं, जिला कलेक्टर कार्यालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह को भी जब मीडिया के जरिये इस बात की जानकारी मिली कि जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के किसी युवा के द्वारा यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर 53वीं रैंक हासिल की गयी है तो वे भी प्रसन्न हुए।

सूत्रों का कहना है कि जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा भी सुमित विश्वकर्मा से संपर्क कर उन्हें बुलाने का प्रयास किया गया किन्तु सुमित का कहीं पता नहीं चल पाया है। सूत्रों ने कहा कि जिला कलेक्टर के द्वारा घंसौर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदार को इसके लिये पाबंद किया गया है कि वे सुमित से संपर्क करें।

इधर, सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि यूपीएससी के परीक्षा परिणाम में 53वीं रैंक पर जिन सुमित कुमार का नाम है वे बिहार से हैं। कुल मिलाकर सोमवार को दिन भर इस बात की अटकलें चलती रहीं कि सुमित कुमार सिवनी के निवासी हैं या बिहार के! इसके अलावा सुमित कुमार विश्वकर्मा के द्वारा घर से तीन चार दिन के लिये बाहर जाने के दौरान भी अगर मोबाईल नहीं ले जाया गया है या लेकर गये भी हैं तो उनसे संपर्क न होने से अब लोगों के बीच तरह – तरह की चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है।