आग उगल रहे भगवान भास्कर

 

 

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। अप्रैल माह का दूसरा सप्ताह आरंभ होते ही सूरज ने अपने तेवर दिखाने फिर आरंभ कर दिये हैं। पिछले तीन दिनों से लगातार पारा में बढ़ौत्तरी हो रही है, जिससे सुबह नौ बजे की धूप भी चुभने लगी है। वैसे मौसम के मिजाज में उतार चढ़ाव का दौर जारी है।

यद्यपि सोमवार को आसमान में बादल होने के कारण लोगों को दोपहर बाद गर्मी से कुछ राहत मिली। वहीं रविवार और सोमवार की दरमियानी रात में चली आँधी और हुई बूंदाबांदी के कारण सुबह धूप की चुभन काफी हद तक कम रही, किन्तु दस बजे के बाद भगवान भास्कर एक बार फिर रौद्र रूप दिखाते नजर आये।

मौसम में तपन घुलने से लोगों ने इससे बचने के उपाय खोजना भी आरंभ कर दिये हैं। वहीं बाजार में भी ठण्डाई के स्टॉल अधिक नजर आने लगे है। सोमवार को 39.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया जो रविवार को दर्ज किये गये तापमान से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। गौरतलब होगा कि भू अभिलेख से राकेश विश्वकर्मा ने सिवनी के अधिकृत तापमान की जानकारी देते हुए बताया था कि रविवार 07 अप्रैल की शाम को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि सोमवार 08 अप्रैल की शाम को पिछले चौबीस घण्टों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

मौसम विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मौसम में अचानक आया यह बदलाव उत्तर पूर्व राजस्थान से छत्तीसगढ़ तक बनी द्रोणिका के कारण हुआ है। द्रोणिका के चलते नमी का प्रवाह बढ़ा है। लगभग 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चल रहे तापमान के बीच नमी के बढ़ने के कारण बादलों का निर्माण हो रहा है।

वैसे पिछले दिनों से बढ़ी गर्मी, लगातार बढ़ने के कारण खुली धूप में निकलना दूभर हो गया है। अमूमन हर कोई अब तौलिया या चुनरी जैसे वस्त्रों को सिर पर लपेटे हुए नजर आने लगा है। चिलचिलाती धूप से बचने घरों में रखे कूलर, फ्रिज, एसी की दुकानें सज गयी हैं। साथ ही कूलर की खस की पट्टियां भी सड़क किनारे बिकने लगी हैं।

लगातार बढ़ रहे तापमान का प्रभाव है कि दोपहर में चौराहों पर सन्नाटा पसर जाता है। जूस, कोल्ड ड्रिंक व शरबत के ठेलों पर खड़े होकर लोग आनंद ले रहे हैं और गर्मी को दूर करते नजर आ रहे है। मौसम को देखते हुए चौराहों पर शर्बत, बेल जूस, गन्ना रस और पना की दुकानें लगना आरंभ हो गयी हैं। चिकित्सकों का कहना है कि भीषण गर्मी के मद्देनजर, जहाँ तक यदि आवश्यक न हो तो धूप में न निकलें। अभिभावक बच्चों को स्कूल से लाने और ले जाने के दौरान सिर को अच्छी तरह से ढंककर रखें। काम करने वाली युवतियां भी शरीर को ढंक कर रखें।

चैत्र की शुरूआत में ही दिन में गर्मी अपना प्रभाव दिखाने लगी है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया और अब हवा पानी के कारण यह कुछ नीचे भी आया है। इस दौरान दिन में कई बार तेज हवाएं भी चलीं लेकिन तीखी धूप में वह भी राहत देने की बजाय लपट की मानिंद लगती रहीं। अप्रैल आरंभ होने से पहले ही गर्मी का यह तीखापन देख लोग सहम से गये हैं।

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