फिर बन रहा तेज हवाओं के चलने का योग!

 

 

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। सालों बाद गर्मी के आगाज के साथ ही सूर्य नारायण के तेवर बहुत ही तीखे नजर आ रहे हैं। नौ तपा में अभी एक महीने से ज्यादा का समय है और हालात नौ तपा जैसे बन रहे हैं। वैसे बादलों के कारण एक दो दिन से गर्मी के कस बल कुछ ढीले ही दिख रहे हैं।

गर्मी इस बार शुरुआत में ही तीखे तेवर दिखा रही है। नौतपा को अभी एक महीने से ज्यादा का वक्त है लेकिन हालात ऐसे बन रहे है जैसे नौतपा हो। तेज गर्मी के बीच रविवार को अंधड़ युक्त हवाएं चलीं। इस साल लंबे समय तक ठण्ड पड़ने और फिर गर्मी की शुरुआत में ही पारा 40 पार उछलने के बाद चली अंधड़ ने मौसम के मिजाज को लेकर सभी को असमंजस में डाल दिया है।

मौसम विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि धरती तेजी से गर्म हो रही है। पहले के मुकाबले गर्मी के मौसम में तापमान अपेक्षाकृत अधिक बढ़ा है। पर्यावरण में असंतुलन से तेज गर्मी में राहत दिलाने वाला लोकल सिस्टम प्रभावित हो रहा है। कम दबाव का क्षेत्र बनने और गर्म – ठण्डी हवा के टकराने से अंधड़ की फ्रीक्वेंसी बढ़ने की संभावना है। नौतपा और उसके बाद चलने वाली अंधड़ की अभी से शुरुआत होने से इस बार इसके ज्यादा बार चलने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार सामान्य से 03 से 04 डिग्री सेल्सियस तक अधिक और दिन के वक्त तापमान 40 डिग्री से अधिक होता है तो हवा गर्म होकर ऊपर उठती है। हल्की नमी के साथ हवा जब ऊपर जाती है तो कम दबाव का क्षेत्र निर्मित होता है। तेजी गति से ठण्डी हवा नीचे की ओर आती है। काफी तेज गति से चलने वाली इस हवा से अंधड़ की स्थिति बनती है।

गर्मी समय पर, लोकल सिस्टम प्रभावित : सूत्रों के अनुसार उत्तरी धु्रव पर लो प्रेशर के कारण इस वर्ष ठण्ड का कालखण्ड अधिक रहा। गर्मी अपने समय पर है, लेकिन तापमान अचानक तेजी से बढ़ा है। इसकी प्रमुख वजह कांक्रीट का निर्माण बढ़ना और हरियाली का कम होना है। इससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है।

सूत्रों ने कहा कि समय से पहले तेज गर्मी और अंधड़ जैसी स्थिति बन रही है। तेज धूप तपने और कम दबाव का क्षेत्र बनने पर अंधड़ और लोकल क्लाउड्स के कारण होने वाली बूंदाबांदी गर्मी से राहत पहुँचाने का काम करती है लेकिन जंगल कम होने के कारण यह लोकल सिस्टम इतना प्रभावी नहीं रहा है। इस कारण तापमान में तेजी के साथ परिवर्तन हो रहा है। इस साल गर्मी के साथ ही अंधड़ की फ्रीक्वेंसी पहले से अधिक होन की संभावना बढ़ गयी है।

असंतुलन का असर : सूत्रों के अनुसार 01 महीने से अधिक समय पहले ही नौतपा जैसा मौसम बन रहा है। वहीं, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े के अंतिम दिनों में पड़ने वाली गर्मी का अहसास अभी से हो रहा है। इसके साथ ही अब तक तेज हवाएं (अंधड़) जो पहले गर्मी के मौसम में तीन से पाँच बार चलता था अब आठ से दस बार चल सकता है।

सिवनी के अधिकृत तापमान के संबंध में अधिकृत जानकारी देते हुए भू अभिलेख से राकेश विश्वकर्मा ने बताया कि मंगलवार 09 अप्रैल की शाम पिछले चौबीस घण्टे का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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