यूपीएससी मामला : बिहार के हैं सुमित कुमार!

 

 

जमुई जिलाधिकारी धर्मेंद कुमार ने की पुष्टि

(सादिक खान)

सिवनी (साई)। घंसौर के जिन सुमित विश्वकर्मा को लेकर सोशल मीडिया से लेकर नेशनल मीडिया में यह खबर चल रही थी कि मजदूरी कर यूपीएससी परीक्षा में 53वीं रैंक पाने वाले सुमित कुमार सिवनी जिले के आदिवासी बाहुल्य तहसील घंसौर के बम्होड़ी ग्राम के निवासी हैं। उक्त खबर की सत्यता पता करने पर ज्ञात हुआ कि यूपीएससी के परीक्षा परिणामों में 53वीं पायदान पर बिहार के सुमित कुमार हैं न कि सिवनी के सुमित विश्वकर्मा।

यह खबर जब वायरल हुई तब यह बात भी समाने आयी कि 53वीं पायदान पर आने वाले सुमित कुमार दरअसल, बिहार प्रदेश के जमुई जिले से हैं। इस संबंध में बिहार के जमुई के जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा सच्चाई जानना चाहा।

धर्मेंद्र कुमार के द्वारा न केवल इस बात की पुष्टि की गयी कि 53वीं पायदान पर आने वाले सुमित कुमार न केवल जमुई शहर के निवासी हैं, वरन उनके द्वारा सोशल मीडिया व्हाट्सएप पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को सुमित कुमार का नंबर भी साझा किया गया। इस नंबर पर लगातार ही फोन लगाये जाने पर उनका मोबाईल स्विच्ड ऑफ का संदेश ही देता रहा।

सोशल मीडिया के इस युग में जब खबरों को पहले प्रस्तुत करने के चक्कर में लोग खबरों की सच्चाई को जाने बिना ही खबरों को वायरल कर देते हैं, उस समय यह एक नायाब उदाहरण सामने आया है जब एक खबर जो कि आधी सही और आधी गलत थी को जमकर वायरल किया गया।

इस समाचार में आधी सच्चाई यह थी कि 53वीं पायदान पर सुमित कुमार का नाम परीक्षा परिणाम में दर्शाया जा रहा था। इसका दूसरा झूठा पहलू यह भी था कि इसमें सिवनी के सुमित विश्वकर्मा की सफलता के बारे में बताया जा रहा था जो कि मिथ्या खबर थी।