निजि शालाएं सिखायेंगी सरकारी शिक्षकों को!

 

 

(संजीव प्रताप सिंह)

सिवनी (साई)। निजि शालाओं में बेहतर परीक्षा परिणाम आने के कारण अब शिक्षा विभाग के द्वारा नयी कवायद की जा रही है, जिसके तहत सरकारी शालाओं के प्राचार्य और शिक्षकों को निजि शालाओं में किस तरह पढ़ायी करायी जाती है इससे रूबरू कराया जायेगा।

जिले के अनेक सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहाँ शिक्षा अर्जित करने के बाद यहाँ से पढ़े विद्यार्थियों के द्वारा देश – विदेश में नाम रौशन किया गया है। जिले के बीस शैक्षणिक संस्थानों को इसके लिये चिन्हित किया गया है जहाँ के शिक्षक और प्राचार्य अब निजि शैक्षणिक संस्थानों में किस तरह पढ़ायी करायी जाती है, यह जानेंगे।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग के द्वारा अभिनव प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत सिवनी जिले सहित प्रदेश के अनेक सरकारी स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षकों को निजि शालाओं के पढ़ायी के तौर तरीकों से वाकिफ कराया जायेगा।

सूत्रों का कहना है कि जिले के बीस सरकारी स्कूलों को चिन्हित किया जाकर उनके शिक्षकों और प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे 20 अप्रैल तक निजि शालाओं में भ्रमण करें और वहाँ पढ़ायी के तौर तरीकों को देखें। सूत्रों ने यह भी बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर जिले में जिन शालाओं को चिन्हित किया गया है उनका परीक्षा परिणाम वैसे भी 75 फीसदी से अधिक ही रहता है।

सूत्रों का कहना है कि राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा प्रदेश की सरकारी शालाओं में केंद्रीय शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पैटर्न को लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इसके पहले चरण में निजि तौर पर संचालित होने वाले सीबीएसई स्कूलों के माहौल से प्राचार्य और शिक्षकों को रूबरू करवाया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि प्रदेश की लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत के हस्ताक्षरों से जारी एक आदेश में यह कहा गया है कि 500 से ज्यादा छात्र संख्या वाले सरकारी स्कूलों में हर स्कूल के चार शिक्षकों को 20 अप्रैल तक निजि शालाओं के भ्रमण के लिये पाबंद किया जाये। निर्देश में यह भी कहा गया है कि भ्रमण के उपरांत शिक्षकों के अनुभवों का प्रतिवेदन, फोटो एवं फीडबैक को 25 अप्रैल तक उनके कार्यालय को प्रेषित किया जाये।

सूत्रों ने बताया कि जिला स्तर पर चिन्हित स्कूलों में नेताजी उच्चतर माध्यमिक शाला, महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्कूल, कान्हीवाड़ा का बालक और केवलारी का कन्या स्कूल सहित ब्लॉक स्तरीय मॉडल स्कूल भी शामिल हैं। भ्रमण के दौरान संयुक्त संचालक संभागीय लोक शिक्षण अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधिकारी को भी साथ रहने कहा गया है।

इन बिंदुओं पर होगा भ्रमण : शिक्षक इन निजि शालाओं में टाईम टेबिल, कालखण्ड, गृह कार्य (होम वर्क), कॉपी जाँचने की समयावधि, रिकॉर्ड का संधारण करने का तरीका, विषय शिक्षकों का उपयोग, ट्रैनिंग, स्टाफ की बैठक, मूल्यांकन, आदि देखा जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *