अक्षय तृतीया पर 16 साल बाद बन रहा चार ग्रहों का विशेष योग

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। स्वयं सिद्ध मुहूर्त पर 07 मई को इस वर्ष चार ग्रहों का एक विशेष संयोग बन रहा है। लगभग 16 साल बाद ऐसा मौका आया है जब सूर्य, चंद्र, शुक्र और राहू उच्च राशि में दृष्टिगोचर होंगे। बैसाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनायी जाने वाली अक्षय तृतीया भी इसी दिन है।

ग्रहों के संयोग से खास : मंगल कार्यों के लिये लाभकारी माने जाने वाले इस दिन अक्षय तृतीया को चार ग्रहों के संयोग ने और खास बना दिया है। इससे पहले वर्ष 2003 में चार ग्रहों का संयोग बना था। अक्षय तृतीया पर तो शहर में जमकर शहनाईयां गूंजेगी ही, उसके बाद जून के महीने में भी शादी की धूम रहेगी। कैलेण्डर वर्ष के बचे हुए महीनों में जुलाई के पहले सप्ताह में मंगल कार्यों के लग्न हैं। उसके बाद तीन महीने का ब्रेक और नवंबर एवं दिसंबर माह में 12 मुहूर्त शादी के हैं।

मई और जून महीने में अधिक मुहूर्त : अप्रैल माह में गूंज रहीं शहनाईयों का सिलसिला मई और जून महीने में और बढ़ने वाला है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मई और जून में अब सबसे अधिक शादी के लग्न है। मई में 14 और जून में 13 दिन विवाह के लिये श्रेष्ठ बताये जा रहे हैं। इसके अलावा जुलाई में भी मंगल कार्यों के लिये दो लग्न शुभ है। इसके बाद खरमास लग जायेंगे। तीन महीने तक मंगल कार्यों पर रोक रहेगी। नवंबर में शुभ कार्यों के लिये मुहूर्त के आठ और दिसंबर चार दिन है।

अबूझ मुहूर्त पर सबसे ज्यादा विवाह : अक्षय तृतीय पर शहर में सैकड़ों जोड़े विवाह के बंधन में बंधेंगे। ज्योतिषविदों के अनुसार अक्षय तृतीया का दिन मंगल कार्यों के लिये श्रेष्ठ है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। इस दिन किये गये कार्य लाभकारी होते हैं।

इस वर्ष ये हैं विवाह मुहूर्त : मई माह में 02, 06, 07, 8, 12, 14, 15, 17, 19, 21, 23, 28, 29 व 30 मई, जून माह में 08, 09, 10, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 25 और 26 जून, जुलाई माह में 06 एवं 07 जुलाई, नवंबर में 08, 09, 10, 14, 22, 23, 24, 30 एवं दिसंबर माह में 05, 06, 11, 12 दिसंबर को विवाह के मुहूर्त हैं।