चौड़ी सड़कों के बिना सुंदर शहर की कल्पना हास्यास्पद!

 

अन्य शहर वासियों की तरह मुझे भी शिकायत सिवनी के बिगड़ैल यातायात से है और निराशाजनक बात यह है कि इसे पटरी पर लाने के लिये न तो जन प्रतिनिधियों के द्वारा कोई पहल की जा रही है और न ही संबंधित विभाग इस ओर ध्यान देना चाहते हैं। देखा जाये तो किसी भी शहर के विकास में उसकी सड़कों का अत्याधिक महत्व रहता आया है।

सिवनी में बिना डिवाईडर वाली सड़कों का आलम यह है कि इन पर कोई भी वाहन चालक, उसका जहाँ मन करता है वहाँ अपने वाहन को प्रविष्ट करा देता है जिसके कारण दूसरे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके कारण कई बार वाहन चालकों के मध्य तू-तू मैं-मैं भी हो जाया करती है। इस बहस के दौरान अक्सर ही युवा वर्ग के वाहन चालक या उन वाहनों पर सवार मारपीट पर तक उतारू हो जाते हैं।

यदि इस तरह की स्थितियां सिवनी शहर के विभिन्न मार्गों पर बन रही है तो अपेक्षा यही की जाती है कि संबंधित लोग ऐसी अप्रिय स्थिति को टालने के लिये कोई प्रयास करें। यदि यातायात व्यवस्थित करवा दिया जाता है तो लोगों को राहत पहुँचायी जा सकती है। देखने में यह आ रहा है कि सिवनी की अधिकांश सड़कें बिना डिवाईडर के ही भारी यातायात को सहन कर रही हैं।

ऐसा लगता है जैसे सिवनी में डिवाईडर के महत्व की जानकारी यहाँ के कर्त्ताधर्ताओं को नहीं है शायद तभी इस विषय में न तो उनकी कोई रूचि दिखायी देती है और न ही वे इस बारे में कोई बात ही करना चाहते हैं। सिवनी की सड़कों को चौड़ा किया जाना बहुत आवश्यक हो चुका है लेकिन इस मामले में कोई गंभीर नहीं दिख रहा है। बिना सड़कों को चौड़ी किये ही लोग सिवनी के महानगर जैसा सुंदर बनने का सपना संजोये हुए हैं जो हास्यास्पद ही कहा जा सकता है। चौ

सड़कों का चौड़ीकरण यदि कर दिया जाता है तो यातायात स्वतः ही काफी हद तक व्यवस्थित हो जायेगा। हालांकि हाल ही में कटंगी नाका क्षेत्र से लेकर शहर की बाहर की ओर सड़क को चौड़ा जरूर करवा दिया गया है लेकिन इस मार्ग पर डिवाईडर न बनाये जाने के कारण अनाप-शनाप गति से भागते वाहनों से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

कटंगी रोड पर डिवाईडर बनाये जाने की तत्काल आवश्यकता है। यदि इस मार्ग पर डिवाईडर बनाया जाता है तो उसमें इस बात का अवश्यक ख्याल रखा जाये कि ये डिवाईडर लंबे-लंबे हों अर्थात थोड़ी-थोड़ी दूर पर क्रॉसिंग के लिये स्थान न छोड़ा जाये। यदि थोड़ी-थोड़ी दूरी पर डिवाईडर में मॉडल रोड की तरह स्थान छोड़ा जायेगा तो उसके अपेक्षित परिणाम प्राप्त होना मुश्किल ही कहा जा सकता है। अपेक्षा है कि जन प्रतिनिधियों के साथ ही साथ संबंधित विभाग इस दिशा में कदम अवश्य और शीघ्र अतिशीघ्र उठाये जायेंगे।

शाहिद नकवी

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