अतिक्रमण खाये जा रहा शहर की सड़कें!

 

 

पालिका को नहीं पार्किंग बनवाने की फुर्सत

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। रात को खासी चौड़ी दिखायी देने वाली सड़कें सुबह आठ बजे के बाद संकरी तंग गलियों में तब्दील हो जाती हैं। शहर की सड़कों को अतिक्रमण का कैंसर लील रहा है पर भाजपा शासित नगर पालिका परिषद को इसकी किंचित मात्र भी परवाह प्रतीत नहीं हो रही है।

शहर के मुख्य बाज़ार बुधवारी, शुक्रवारी, बस स्टैण्ड, शंकर मढ़िया, छिंदवाड़ा चौक, गणेश चौक, बारापत्थर के साथ ही साथ शहर का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ अतिक्रमण के चलते सड़क छोटी न हो जाती हों। कई स्थानों पर तो सड़क की एक ओर काफी जगह नजर आती है तो सड़क की दूसरी ओर पैदल चलने के लिये फुटपाथ तक नहीं है।

दिन में दस बजे के बाद बुधवारी बाजार में पैदल चलना अत्यंत दुष्कर हो जाता है। इतना ही नहीं नेहरू रोड तो इतनी तंग गली में तब्दील हो जाती है कि यहाँ दो और चार पहिया वाहन निकलना मुश्किल हो जाते हैं। दिन भर नेहरू रोड पर जाम ही लगता रहता है।

लोगों की मानें तो इस सड़क पर व्यापारियों के द्वारा बड़े-बड़े शो रूम खोल तो दिये गये हैं, पर उनके पास पार्किंग का अभाव है जिसके चलते आधी सड़क पर वाहन ही खड़े रहते हैं। वर्तमान में शादी ब्याह के सीजन में बाज़ार गुलज़ार हैं और यहाँ पैर रखने की जगह तक नहीं दिखती है।

शहर में जितने भी बैंक संचालित हो रहे हैं उन बैंक्स के सामने पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बैंक में आने वाले उपभोक्ताओं के द्वारा सड़कों पर ही अपने – अपने वाहनों को खड़ा किया जाता है। शुक्रवारी क्षेत्र में स्थित बैंक्स पहुँचने वाले उपभोक्ताओं के द्वारा सड़कों पर ही खड़े कर दिये गये वाहनों के कारण आये दिन यहाँ विवाद की स्थिति निर्मित होती रहती है।

गाँधी चौक पर फल विक्रेताओं के द्वारा अघोषित तौर पर हॉकर्स जोन बना लिया गया है। यह भी यातायात को बाधित किये बिना नहीं रहा है। लोगों का कहना है कि सिवनी शहर को शटर्स का शहर यूँ ही नहीं कहा जाता है। सिवनी में कमोबश हर घर में एक शटर वाली दुकान दिख जाती है।

नगर पालिका के द्वारा भी यदा कदा महज रस्म अदायगी के लिये ही अतिक्रमण विरोध अभियान चलाया जाता है। प्रशासन की कमजोर इच्छा शक्ति के चलते शहर में अतिक्रमण सालों से फल फूल रहा है। शहर की मॉडल रोड को ही पालिका के द्वारा अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा सका है तो और स्थानों की कौन कहे!

यहाँ बन सकती है पार्किंग : हाल ही में नगर पालिका परिषद के कार्यालय के बाजू में सालों से चल रही थोक सब्जी मण्डी को नागपुर रोड स्थानांतरित किया गया है। जिला प्रशासन अगर चाहे तो इस स्थान को पेड पार्किंग के रूप में विकसित कर सकता है। चूँकि पार्किंग का ठेका होगा तो पार्किंग के ठेकेदार के द्वारा यातायात पुलिस की मदद से बुधवारी बाजार क्षेत्र में अव्यवस्थित खड़े वाहनों को पकड़कर यहाँ खड़ा करने के लिये लोगों को बाध्य किया जा सकता है।