ओडिशा में फोनी तूफान ने ढाया कहर

 

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भुवनेश्‍वर (साई)। भारी बारिश और करीब 225 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की प्रचंड हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान फोनीने शुक्रवार को सुबह ओडिशा तट पर दस्तक दी।

भयंकर तूफान के कारण इसके प्रभाव वाले इलाकों में कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं, झोपड़ियां तबाह हो गई हैं और पुरी के कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं। तूफान के बाद अबतक तीन लोगों की मौत की खबर है। इसके साथ ही तकरीबन 12 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। नुकसान का सही आकलन अब तक नहीं हो पाया है। हालांकि, अब इसकी रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। 3 दशक के सबसे भयानक तूफान के बारे में जाने अबतक के 10 जरूरी अपडेट:

सुबह करीब 8 बजे पुरी पहुंचा फोनी

अत्यधिक प्रचंड चक्रवाती तूफान फोनी आज सुबह करीब आठ बजे पुरी पहुंचा। इसकी शुरुआत 175 किमी प्रतिघंटे की हवाओं से हुई। हवा की रफ्तार 245 किमी प्रतिघंटे तक पहुंची। चक्रवात के पहुंचने की प्रक्रिया पूरी होने में करीब तीन घंटे का समय लगा।

विमान से गिराने के लिए भोजन के 1 लाख से अधिक पैकेट तैयार

संवेदनशील इलाकों से करीब 12 लाख लोगों को शिफ्ट किया जा चुका है। वहीं, 11 लाख लोगें को गुरुवार को ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था। करीब 10,000 गांवों और 52 शहरी इलाकों से हटाए गए। 11 लाख लोग 4,000 शिविरों में ठहरे हुए हैं जिनमें से विशेष रूप से चक्रवात के लिए बनाए गए 880 केंद्र शामिल हैं। ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर बिष्णुपाद सेठी ने बताया कि विमान से गिराने के लिए एक लाख से अधिक भोजन के पैकेट तैयार किए गए हैं। इसके लिए दो हेलिकॉप्टर भेजने का अनुरोध किया गया है।

तमाम जगहों पर सड़कों पर गिरे पेड़

उन्होंने बताया कि राजधानी भुवनेश्वर में भी करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवा चली। भुवनेश्वर में कई जगहों पर सड़कों पर पेड़ टूटने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय पुलिस पेड़ हटाकर सड़कों को साफ करने की कोशिश कर रही है।

ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर बिष्णुपाद सेठी ने कहा कि वह दो मौतों की पुष्टि कर सकते हैं। एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत शेल्टर में दिल के दौरे से हुई। जबकि एक अन्य व्यक्ति तूफान के दौरान अपने घर से बाहर निकला और उसके सिर पर पेड़ गिरने से उसकी मौत हो गई। अब तक कुल तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आ रही है।

भारतीय नेवी के P-8I और डॉर्नियर को दोपहर में फोनी के असर और उसके कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए लॉन्च किया जाएगा। कोस्ट गार्ड इंस्पेक्टर जनरल केआर सुरेश का कहना है कि तूफान की वजह से समुद्र में किसी की मौत होने की रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है।

देश के सबसे बड़े फ्यूल रिटेलर इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन (IOC) ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और विमानों के ईंधन की अबाध सप्लाइ जारी रखने के लिए विशेष बंदोवस्त का ऐलान किया।

जहां एक तरफ ओडिशा में फोनी का असर कम हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में इसका असर बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल के दीघा और आसपास के इलाकों में 125 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। कोलकाता एयरपोर्ट से आने-जाने वाली फ्लाइट्स आज दोपहर 3 बजे से लेकर शनिवार सुबह 8 बजे तक के लिए रद्द कर दी गई हैं।

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