गायब हो गयी पालिका की फॉगिंग मशीन!

मच्छरों की फौज कर रही हलाकान
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। गर्मी के मौसम के आगाज के साथ ही मच्छरोंगायब हो गयी पालिका की फॉगिंग मशीन!

मच्छरों की फौज कर रही हलाकान

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। गर्मी के मौसम के आगाज के साथ ही मच्छरों की फौज ने जिला मुख्यालय पर अचानक ही हमला बोल दिया है, जिससे नागरिक हलाकान नजर आ रहे हैं। नगर पालिका परिषद का ध्यान दीगर जरूरी कामों में उलझा दिख रहा है जिससे वह इस ओर ध्यान नहीं दे पा रही है।

शहर का शायद ही कोई इलाका इससे अछूता होगा जहाँ मच्छरों की सैकड़ों की तादाद वाली टोलियां लोगों को परेशान न कर रही हों। शहर में मच्छरों के आतंक से शाम ढलते ही लोग अपने – अपने घरों की खिड़की और दरवाजे बंद करने पर मजबूर ही नजर आ रहे हैं।

इसके साथ ही शहर में चारों और पसरी गंदगी और गाजर घास इन मच्छरों के प्रजनन के लिये उपजाऊ माहौल तैयार करती दिख रही है। स्थान – स्थान पर नालियों में जमा कचरे के कारण पानी की निकासी न होने से एकत्र पानी में मच्छरों के लार्वा आसानी से देखे जा सकते हैं।

कहाँ है फॉगिंग मशीन?

उल्लेखनीय होगा कि पूर्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा शुरूआती दौर में पालिका की ईमेल आईडी से यह बात कही गयी थी कि पालिका की फॉगिंग मशीन दिन में दो वार्ड में जाकर धुुंआ करेगी। उसके बाद एक दो दिन तक पालिका के द्वारा विज्ञप्ति जारी कर वाहवाही लूटने का प्रयास किया गया इसके बाद से फॉगिंग मशीन के बारे में पालिका पूरी तरह खामोश ही नजर आ रही है।

जानकारों का कहना है कि मच्छरों के शमन हेतु नगर पालिका परिषद के द्वारा फॉगिंग मशीन का प्रयोग किया जाता रहा है। पिछले कई सालों से महीने में एकाध बार ही यदा-कदा दवा रहित धुंआ उड़ाती फॉगिंग मशीन को देखा जा सकता है। लोगों का आरोप है कि पालिका के द्वारा फॉगिंग मशीन को व्हीव्हीआईपी इलाकों में ही घुमाया जाता है।

इसके साथ ही जानकारों की मानें तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा अब तक विभिन्न विषयों पर लगभग एक दर्जन बार निर्देश जारी किये जा चुके हैं पर इन निर्देशों का पालन करने में पालिका के कर्मचारियों के द्वारा पूरी तरह कोताही ही बरती जा रही है। की फौज ने जिला मुख्यालय पर अचानक ही हमला बोल दिया है, जिससे नागरिक हलाकान नजर आ रहे हैं। नगर पालिका परिषद का ध्यान दीगर जरूरी कामों में उलझा दिख रहा है जिससे वह इस ओर ध्यान नहीं दे पा रही है।
शहर का शायद ही कोई इलाका इससे अछूता होगा जहाँ मच्छरों की सैकड़ों की तादाद वाली टोलियां लोगों को परेशान न कर रही हों। शहर में मच्छरों के आतंक से शाम ढलते ही लोग अपने – अपने घरों की खिड़की और दरवाजे बंद करने पर मजबूर ही नजर आ रहे हैं।
इसके साथ ही शहर में चारों और पसरी गंदगी और गाजर घास इन मच्छरों के प्रजनन के लिये उपजाऊ माहौल तैयार करती दिख रही है। स्थान – स्थान पर नालियों में जमा कचरे के कारण पानी की निकासी न होने से एकत्र पानी में मच्छरों के लार्वा आसानी से देखे जा सकते हैं।
कहाँ है फॉगिंग मशीन?
उल्लेखनीय होगा कि पूर्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा शुरूआती दौर में पालिका की ईमेल आईडी से यह बात कही गयी थी कि पालिका की फॉगिंग मशीन दिन में दो वार्ड में जाकर धुुंआ करेगी। उसके बाद एक दो दिन तक पालिका के द्वारा विज्ञप्ति जारी कर वाहवाही लूटने का प्रयास किया गया इसके बाद से फॉगिंग मशीन के बारे में पालिका पूरी तरह खामोश ही नजर आ रही है।
जानकारों का कहना है कि मच्छरों के शमन हेतु नगर पालिका परिषद के द्वारा फॉगिंग मशीन का प्रयोग किया जाता रहा है। पिछले कई सालों से महीने में एकाध बार ही यदा-कदा दवा रहित धुंआ उड़ाती फॉगिंग मशीन को देखा जा सकता है। लोगों का आरोप है कि पालिका के द्वारा फॉगिंग मशीन को व्हीव्हीआईपी इलाकों में ही घुमाया जाता है।
इसके साथ ही जानकारों की मानें तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा अब तक विभिन्न विषयों पर लगभग एक दर्जन बार निर्देश जारी किये जा चुके हैं पर इन निर्देशों का पालन करने में पालिका के कर्मचारियों के द्वारा पूरी तरह कोताही ही बरती जा रही है।