सिवनी को मिल सकते हैं दो निगमाध्यक्ष!

 

 

अगले माह प्रदेश में बढ़ सकता है सिवनी का सियासी कद

(लिमटी खरे)

सिवनी (साई)। लोकसभा चुनावों के परिणाम चाहे जो भी आयें पर सिवनी का सियासी कद प्रदेश में बढ़ना तय माना जा रहा है। जून माह के अंत तक सिवनी जिले को दो निगम मण्डल के अध्यक्ष मिल सकते हैं। इनमें एक महिला नेत्री के नाम पर भी विचार जारी है।

प्रदेश काँग्रेस कमेटी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि विधान सभा चुनावों में सिवनी जिले में संगठन की कार्यप्रणाली को देखते हुए आलाकमान के द्वारा जिले के नेताओं को पारितोषक देने का मन बना लिया गया है। इसमें सिवनी जिले से एक महिला नेत्री और एक पुरूष नेता को निगम मण्डल में अध्यक्ष पद सौंपा जा सकता है।

सूत्रों ने आगे बताया कि बरघाट विधान सभा को सालों से काँग्रेस के द्वारा हारा जा रहा था। इस बार बरघाट विधान सभा को काँग्रेस के द्वारा अपनी झोली में डाला गया है। वहीं केवलारी विधान सभा जो काँग्रेस का गढ़ हुआ करती थी को खोने का रंज काँग्रेस को अवश्य रहा है, किन्तु इसके लिये रजनीश हरवंश सिंह की क्षेत्र में निष्क्रियता ही प्रमुख वजह के रूप में सामने आयी है।

सूत्रों ने बताया कि इसके उपरांत लोक सभा चुनावों के द्वारा सिवनी में काँग्रेस संगठन के द्वारा जिस तरह प्रण प्राण से जुटकर काम किया गया है वह भी आलाकमान से छुपा नहीं है। लोकसभा चुनावों में परिणाम चाहे जो भी आयें पर जिले में काँग्रेस के नेताओं की एकजुटता का बेहतर संदेश आलाकमान तक गया है।

सूत्रों ने बताया कि लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद एक महीने के अंदर ही प्रदेश में निगम मण्डलों में नियुक्ति का दौर आरंभ हो सकता है। इसके लिये संगठन के द्वारा भी धीरे – धीरे कवायद की जा रही है। इस कवायद में सिवनी जिले के दो नेताओं को निगम मण्डल में स्थान दिये जाने की बात भी सामने आ रही है।

सूत्रों ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान जिस नेता को जहाँ की जवाबदेही सौंपी गयी थी, उस क्षेत्र के बूथ में काँग्रेस को मिलने वाले मतों के हिसाब से निगम मण्डल अध्यक्ष का फैसला भी हो सकता है। कुल मिलाकर स्थिति 23 मई के बाद ही ज्यादा स्पष्ट होने की बात सूत्रों ने कही है।

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