उखड़ने लगीं अफसरान की साँसें!

 

 

लगातार चौथी बार जिला कलेक्टर पहुँचे अस्पताल

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। जिला कलेक्टर के राडार पर आये जिला अस्पताल का उनके द्वारा बार – बार निरीक्षण किये जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की साँसें उखड़ती दिख रही हैं। मंगलवार 07 मई को अवकाश होने के बाद भी जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण कर, फटकार लगाने का सिलसिला जारी रखा गया।

मंगलवार को जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व हर्ष सिंह, सिविल सर्जन डॉ.वी.के. नावकर, आरएमओ डॉ.पी. सूर्या, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री के.पी. लखेरा, बायोमेडिकल वेस्ट उठाने के लिये पाबंद ठेकेदार कृपा वेस्टेज, अस्पताल में सफाई के लिये जिम्मेदार जय अंबे सिक्योरिटी के संचालक सहित अनेक अधिकारी – कर्मचारी उपस्थित थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर के द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के पीछे बायो मेडिकल वेस्ट रखने के कचराघर का निरीक्षण कर अपनी तल्ख नाराजगी से अधिकारियों को अवगत कराया गया। उनके द्वारा सफाई एवं बायो मेडिकल वेस्ट के निष्पादन के लिये पाबंद ठेकेदारों की जमकर खबर ली गयी।

कलेक्टर जिस समय फटकार लगा रहे थे, उस समय वहाँ मौजूद लोगों के बीच चर्चाएं चल रहीं थीं कि ठेकेदार को फटकार लगाने के पहले अस्पताल के जिम्म्मेदार अधिकारियों से अगर सवाल – जवाब कर लिये जाते तो यह नौबत ही नहीं आती। दरअसल, अस्पताल के वार्ड्स में निकलने वाले कचरे को अस्पताल प्रबंधन के द्वारा अलग – अलग रंग के डस्ट बिन में नहीं रखा जाता है।

चर्चाओं के अनुसार इसके चलते जिसका जहाँ मन होता है वहाँ कचरा फेंक दिया जाता है और इसके बाद इस कचरे को प्लास्टिक के बेग में भरकर बायो मेडिकल वेस्ट वाले कचराघर में ले जाकर पटक दिया जाता है। यहाँ कचरे की मात्रा अधिक हो जाती है तो यह कचरा यहाँ बने पक्के भवन के बाहर ही रख दिया जाता है।

चर्चाओं के अनुसार साधारण कचरे को पृथक से संग्रहित करना चाहिये, जिसका निष्पादन नगर पालिका के द्वारा किया जाता है और बायो मेडिकल वेस्ट को अलग रखना चाहिये जिसका निष्पादन नियमानुसार सुरक्षित तरीके से कृपा वेस्टेज के द्वारा किया जाना चाहिये। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण सारा का सारा कचरा बायो मेडिकल वेस्ट के रूप में ही फेंक दिया जा रहा है जिससे इस तरह की स्थिति निर्मित हो रही है।

चर्चाओं के अनुसार कृपा वेस्टेज के द्वारा जिला अस्पताल सहित अन्य स्थानों से बायो मेडिकल वेस्ट उठाया जाकर जिले के अंदर बरघाट विकास खण्ड के अंतर्गत एक ग्राम में असुरक्षित तरीके से उसका निष्पादन किया जा रहा है। इसकी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा किये जाने के बाद भी प्रशासन के द्वारा किसी तरह की कार्यवाही कृपा वेस्टेज के खिलाफ नहीं की गयी है।

चर्चाओं के अनुसाार अब तक जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा लगातार किये जा रहे निरीक्षण में वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायतों पर तो मौन साध लिया जा रहा है किन्तु तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित ठेकेदारों को फटकार लगायी जाकर उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। वहीं, ठेकेदार भी दबी जुबान से यही कहते दिखे कि वे वही और उसी तौर तरीके से काम करते हैं जिस तरीके से अधिकारियों के द्वारा उन्हें काम करने के लिये कहा जाता है!

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