सरकार के मातहत लूट रहे किसानों को!

किसानों के हित का दावा करने वाली सरकार को नहीं परवाह किसानों की

(आगा खान)

कान्हीवाड़ा (साई)। किसानों के हित का दावा करने वाली राज्य सरकार को उसके मातहत कर्मचारी किस तरह से अमली जामा पहना रहे हैं इसका उदाहरण कान्हीवाड़ा स्थित गेहूँ खरीदी केन्द्र में देखा जा सकता है।

इस केन्द्र की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्रीय किसान जमकर परेशान दिख रहे हैं। किसानों का कहना है कि खरीदी केन्द्र प्रभारी रफीक खान, किसानों की समस्याएं सुलझाने की बजाय उन्हें और भी ज्यादा बढ़ाते ही जा रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि खरीदी केन्द्र प्रभारी किसानों को सहयोग करने की बजाय, व्यापारियों के सतत संपर्क में बने रहकर उन व्यापारियों को ही फायदा पहुँचाने में लगे हुए हैं जबकि किसानों को इधर से उधर भटकने के लिये मजबूर किया जा रहा है।

किसानों ने यहाँ तक बताया कि उनसे एक-एक क्विंटल पर सौ-सौ रूपये का कमीशन तक माँगा जा रहा है और न देने की स्थिति में अनाप – शनाप कारण बताकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि इस खरीदी केन्द्र की कार्यप्रणाली की जानकारी जन प्रतिनिधियों या संबंधित अधिकारियों को नहीं है लेकिन उसके बाद भी केन्द्र प्रभारी की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिये किसी तरह की कोई कवायद न किये जाने के कारण किसान हताश हैं।

क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि यहाँ बरघाट मार्केटिंग सोसायटी के द्वारा खरीदी की जा रही है। इस केन्द्र के प्रभारी रफीक खान की कार्यप्रणाली इतनी लचर है कि किसानों का थोड़ा बहुत नहीं बल्कि एक-एक, दो-दो क्विंटल गेहूँ ही गायब हो जा रहा है। किसानों के द्वारा जब इस बात पर आपत्ति दर्ज करवायी जाती है तो किसान बताते हैं कि खरीद केन्द्र प्रभारी उन्हें सही जवाब देने की बजाय उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर किसानों को ही हड़का देते हैं। ऐसी स्थिति में क्षेत्र के भोले भाले किसान अपनी लाचारी पर मन मसोस कर रह जाते हैं।

किसानों ने यह भी बताया कि केन्द्र प्रभारी रफीक खान के द्वारा गेहूँ के सैम्पल के नाम पर एक-दो कटोरी नहीं बल्कि दो-दो, तीन-तीन बाल्टी गेहूँ लिया जा रहा है जो उनकी समझ से परे है। सैम्पल के लिये इतनी अधिक मात्रा में गेहूँ लेने का कोई कारण किसानों को नहीं बताया जा रहा है। इस मामले में भी किसानों को अंधेरे में रखकर, पहले से परेशान किसान को आर्थिक क्षति भी रफीक खान के द्वारा खुलेआम पहुँचायी जा रही है लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा इस ओर से आँखें मूंदे रहने के कारण किसानों में हताशा घर करती जा रही है।

क्षेत्रीय किसानों ने माँग करते हुए यह भी कहा कि इस खरीदी केन्द्र को सीसीटीव्ही कैमरों की जद में लाये जाने की महती आवश्यकता है ताकि यह पता चल सके कि किसानों का इतनी भारी मात्रा में गेहूँ गायब कैसे हो रहा है और सैम्पल के नाम पर अत्याधिक मात्रा में गेहूँ लिया जाना कहाँ तक सही है। किसानों ने तमाम जन प्रतिनिधियों सहित संबंधित अधिकारियों से इस खरीदी केन्द्र पर शीघ्र ध्यान दिये जाने की अपेक्षा व्यक्त की है ताकि केन्द्र प्रभारी के द्वारा मनमानी करते हुए किसानों को लूटे जाने से बचाया जा सके।

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