कलेक्टर ने किया सीएचसी का निरीक्षण

 

 

स्वास्थ्य विभाग चल रहा कलेक्टर के राडार पर

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के राडार पर जिले की पटरी से उतरी स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। जिला अस्पताल के बाद प्रवीण सिंह के द्वारा घंसौर और धनौरा के अस्पतालों का निरीक्षण किया गया था। अब उनके द्वारा छपारा और लखनादौन के अस्पतालों की सुध ली गयी है।

ब्रहस्पतिवार को जिला कलेक्टर दोपहर लगभग डेढ़ बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपारा पहुँचे। वे यहाँ लगभग पौने दो घण्टे रहे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, विशेषकर साफ सफाई को लेकर संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने अस्पताल के कोने – कोने का निरीक्षण किया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपारा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिला कलेक्टर के छपारा दौरे की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को पहले से ही मिल गयी थी, जिसके चलते अस्पताल की साफ सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को चाक चौबंद कर दिया गया था।

सूत्रों ने बताया कि स्व.हरवंश सिंह ठाकुर की पुण्य तिथि पर फल वितरण के दौरान पूर्व विधायक रजनीश हरवंश सिंह सहित अन्य काँग्रेसी इस अस्पताल में गंदगी से दो चार हुए थे। इसके बाद पूर्व विधायक के द्वारा इस संबंध में जिला कलेक्टर से चर्चा भी की गयी थी।

सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को इस बारे में ताकीद कर दिया गया था कि एक दो दिन में ही जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा छपारा अस्पताल का निरीक्षण किया जा सकता है। इसके बाद से ही अस्पताल की व्यवस्थाएं पटरी पर लाने का काम आरंभ कर दिया गया था।

बहरहाल, सूत्रों ने बताया कि कलेक्टर के दौरे के दौरान प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.के.सी. मेश्राम, प्रभारी टीकाकरण अधिकारी डॉ.एच.पी. पटेरिया की उपस्थिति में जिला कलेक्टर के द्वारा जरूरी दवाओं के बारे में मालूमात की गयी। इसके अलावा उनके द्वारा खून की जाँच किस तरह की जाती है इस बात की जानकारी भी ली गयी।

सूत्रों का कहना था कि इस दौरान छपारा में महिला चिकित्सक न होने की बात लोगों के द्वारा कहने पर प्रवीण सिंह के द्वारा एक पखवाड़े के अंदर महिला चिकित्सक की व्यवस्था करने का आश्वासन भी दिया गया। माना जा रहा है कि जिला अस्पताल से किसी महिला चिकित्सक को सप्ताह में दो या तीन दिन छपारा में सेवाएं देने के निर्देश उनके द्वारा दिये जा सकते हैं।

इसके बाद जिला कलेक्टर के द्वारा लखनादौन अस्पताल का निरीक्षण भी किया गया। दोनों ही अस्पतालों में निरीक्षण के दौरान सालों बाद चिकित्सक गणवेश में नजर आये, जिसे लेकर मरीजों में तरह – तरह की चर्चाओं का बाजार भी गर्मा गया है। लोगों का कहना है कि इस निरीक्षण के पहले दोनों ही अस्पतालों के प्रबंधन को पूर्व सूचना मिल गयी थी जिसके कारण जिला कलेक्टर को दोनों ही अस्पताल में व्यवस्थाएं चाक चौबंद मिलीं।