साईकिल पर निकले हजारों किलोमीटर सफर करने!

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के ग्राम निगानिया वास के रहने वाले 22 वर्षीय चंद्र प्रकाश जयपाल यादव तिरंगा लेकर 07 हजार किलोमीटर के सफर पर साईकिल से आगे बढ़ते हुए 89वें दिन सिवनी से होकर लखनादौन पहुँचे।

उनका मकसद देश में एकता, शांति, भाईचारा, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि सफर की शुरुआत हर दिन सुबह साईकिल पर तिरंगा फहराकर, सलामी देकर होती है। हरियाणा से 11 फरवरी को निकले चंद्र प्रकाश ने अब तक हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र से होते हुए सिवनी के खवासा बॉर्डर की ओर से वे पहुँचे हैं। चंद्र प्रकाश ने शनिवार को सिवनी एवं रविवार को लखनादौन पहुँचकर लोगों को देशभक्ति, एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पुलवामा में शहीदों को भी समर्पित है, जिन्होंने देश की खातिर शहादत दी है।

सिवनी पहुँचने पर नागरिकों ने चंद्र प्रकाश के हौसले की सराहना करते हुए, उन्हें फूल भेंट कर भोजन व मार्ग के लिये आर्थिक सहयोग भी किया। चंद्र प्रकाश ने बताया कि वे बीएससी सेकेण्ड ईयर के छात्र हैं। उन्होंने कहा कि मन में देश भ्रमण कर एकता का संदेश देने का विचार चल रहा था, लेकिन कृषक पिता जयपाल, माता नीलम देवी व परिवार के अन्य सदस्य राजी नहीं थे।

इसके बावजूद उन्होंने 11 फरवरी को अपने परिवार को बिना बताये साईकिल उठायी.. तिरंगा थामा और निकल पड़े देश की यात्रा पर। लगभग 200 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी माँ को फोन किया और उन्हें बताया कि वे साईकिल से देश की यात्रा पर निकल गये हैं। माँ ने लौटने के लिये कहा लेकिन वे नहीं माने। अब वे हर दिन अपने माता – पिता से बात कर यात्रा की जानकारी उन्हें देते रहते हैं।

उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 80 से 100 किलोमीटर की साईकिल का सफर हो रहा है। गर्मी के इन दिनों में सुबह 06 बजे से दोपहर 12 बजे तक साईकिल चलाते हैं, दोपहर में 03 से 04 घण्टे कहीं रूककर आराम करने के बाद वे फिर सफर पर आगे बढ़ जाते हैं।उन्होंने बताया कि जहाँ शाम होती है वहीं लोगों की मदद से वे रात गुजार लेते हैं। यात्रा के दौरान उन्हें नागरिकों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। अब तक लगभग 6100 किलोमीटर की यात्रा पूरी हो चुकी है, अब 900 किलोमीटर का सफर बाकी है, जो कि अगले 15 दिन के पहले पूरी करने का उन्होंने अनुमान लगाया है। चंद्र प्रकाश ने बताया कि मध्य प्रदेश से होकर उत्तर प्रदेश के बाद दिल्ली के लाल किला में जाकर उनकी यात्रा पूरी होगी। चंद्र प्रकाश की इच्छा है कि वे दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर अपनी यात्रा को समाप्त करें।

अड़चन के बाद भी नहीं रुका सफर : चंद्र प्रकाश ने बताया कि इस यात्रा के दौरान रास्ते में कई तरह की अड़चनें भी आ रही हैं, लेकिन उनसे वे विचलित नहीं हैं। केरल में यात्रा के दौरान श्वान ने उन्हें जख्मी कर दिया था। तिरूपति में बीमार हो गये थे, सरकारी अस्पताल से दवाई ली, थोड़ा आराम किया और फिर आगे बढ़ गये। साईकिल पंचर होने या बिगड़ने की स्थिति में मीलों पैदल चलना, रात गुजारने सही ठिकाना न मिलने जैसे हालात के बावजूद चंद्र प्रकाश का हौसला कायम है, वे तिरंगा को सलामी देकर अपने सफर पर आगे बढ़ते जा रहे हैं।