कान्हीवाड़ा में चल रहा सट्टे का अवैध कारोबार

 

 

(आगा खान)

कान्हीवाड़ा (साई)। इन दिनों मटका (सट्टा) के कारोबार ने जोर पकड रखा है। जो चाहे वह, इस बुरी लत की चक्कर में पड़ जाता है। धनवान बनने के इस शॉर्टकट रास्ते में कई गरीब मजदूर अपने दिनभर की खून पसीने की कमाई को पलक झपकते ही उड़ा देते हैं।

आलम यह है कि जिन व्यक्तियों का सट्टा फंस जाता है वे जश्न मनाते हैं और जिन व्यक्तियों का सट्टा नहीं फंसता वे शेष रूपयों की शराब पीकर घर में मारपीट जैसी हरकत करके, अपना गुस्सा उतारते रहते हैं।

सट्टे को कानूनी अपराध माना जाता है। इस पर रोक लगाने के लिये पुलिस प्रशासन को सख्ती से पेश आना चाहिये, किंतु यहाँ तो मामला पूरा ही उल्टा है। कान्हीवाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अंदर सट्टे का यह कारोबार हर क्षेत्र में फैल चुका है।

कान्हीवाड़ा में आजकल खुलेआम सट्टे की बुकिंग चल रही है। यह भी बताया जाता है कि इन सट्टेबाजों के द्वारा यहाँ के पुलिस वालों को हफ्ता दिया जाता है और इसी के चलते ये सट्टेबाज बिना खौफ के इस अवैध काम को अंजाम दे रहे हैं। आसपास के नागरिकों ने बताया कि सुबह आठ बजे से यहाँ सट्टेबाज अपनी बुकिंग चालू कर देता है। उसे रोकने या कुछ कहने पर वह टका सा जवाब देता है कि हम अपना काम कर रहे हैं, किसी के घर चोरी या भीख माँगने नहीं जा रहे हैं।

बताया जाता है कि इस काम में लिप्त सट्टेबाजों को पुलिस नही पकड़ती है, बल्कि यहाँ के सीधे सादे ग्रामीणों को पकड़कर महज खानापूर्ति करती है।