आयुक्त ने ली प्राचार्यों की समीक्षा बैठक

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। संभागायुक्त राजेश बहुगुणा की अध्यक्षता में सिवनी जिले के परीक्षा परिणामों की समीक्षा वनवीन शिक्षा सत्र के पूर्व नये शिक्षण सत्र में शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन मिशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया।

इसमें संयुक्त संभागायुक्त अरविंद यादव, जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण राजेश तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमति मंजुषा राय, जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल, डी.पी.सी. जे.के. ईड़पाचे, क्षेत्र संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग बी.के. बोरकर, ए.डी.पी.सी. महेश कुमार गौतम के साथ जिले के 224 शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के प्राचार्यों एवं 08 विकास खण्डों के बीआरसीसी.उपस्थित हुए।

अधिकारीगणों के स्वागत अभिनंदन पश्चात जिले की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत व मण्डल की परीक्षाओं में राज्य स्तरीय प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर जिले को गौरवान्वित करने वाले विद्यार्थियों तथा शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले शासकीय हाई स्कूल गोरखपुर सिवनी एवं शासकीय हाई स्कूल देवरी टीका धनौरा के प्राचार्यों एम.एल.जावरे एवं जमील खान को प्रमाण पत्र देकर मंचासीन अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी  जी.एस. बघेल द्वारा पॉवर पॉईंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जिले की शैक्षणिक संरचना, अधोसरंचना, नामाँकन, विगत व वर्तमान सत्र के परीक्षा परिणामों के तुलनात्मक स्थिति, नये शिक्षण सत्र के लिये लक्ष्य, 30 प्रतिशत के कम परीक्षा परिणाम वाली शालाओं की जानकारी, परीक्षा परिणाम कम होने संभावित कारणों पर प्रकाश डाला गया।

संभागायुक्त ने शासकीय विद्यालयों में समुचित शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करने, विद्यालयों में स्वच्छता व सौंदर्यीकरण पर जोर देते हुए अपने जीवन से जुडे अनुभवों का उल्लेख कर स्वच्छता को अभियान की बजाय आदत बनाने का आव्हान किया। शिक्षकों व प्राचार्य की स्वयं की पहल व भागीदारी से शाला के विद्यार्थियों के साथ मिलकर शाला परिसर की नियमित सफाई करने के अभिनव कार्यक्रम मेरी शाला मेरी जिम्मेदारी को स्वैच्छिक व स्वस्फूर्त रूप से अपनाने के लिये प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर यूनिसेफ के काउंसलर श्री शाश्वत ने पॉवर पॉईंट प्रजेंटेशन के माध्यम से स्वच्छ विद्यालय पुरूस्कार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विद्यालयों की शत – प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का आव्हान किया। राजेश तिवारी संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर ने त्रि आयामी योजना प्राचार्यों के द्वारा अपने विद्यालय में वॉक, चॉक एवं टॉक को अपना कर शैक्षणिक गुणवत्ता को बढाने का निर्देश दिया। विद्यालयों मे छात्रों की उपस्थिति बढाने हेतु शिक्षकों व पालको का व्हाटसएप समूह बनाकर शाला में अनुपस्थित रहने वाले बच्चों की सूचना उनके पालकों को देकर उनकी उपस्थिति बढाने का प्रयास किये जाने की बात कही गयी।

जिला कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि शिक्षकों व अध्यापकों के छठवें व सातवे वेतनमान एरियर्स आदि के प्रकरण तत्काल निराकृत करने एवं उनकी सेवा अभिलेखों को अद्यतन किया जाये। साथ ही 15 दिनों में अपने विद्यालय को सुंदर बनाने एवं आने वाले सत्र में अच्छे परीक्षा परिणाम देने हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये गये तथा आने वाले वर्ष में दसवीं का परीक्षा परिणाम 85 प्रतिशत एवं बारहवीं का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिये सघन व सम्मिलित प्रयास किये जाने की बात कही गयी।