सिवनी पुलिस के सिर बंधा कामयाबी का सेहरा

 

 

कोतवाली पुलिस ने तीन दिन में ढूंढ निकाला चोरी गया नवजात

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। शुक्रवार 24 मई को सुबह लगभग साढ़े छः बजे जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड से चोरी गये बच्चे को कोतवाली पुलिस ने तीन दिनों के अंदर खोजने में सफलता हासिल की है। नवजात शिशु को चुराने वाली महिला को पुलिस ने शिवपुरी से धर दबोचा है। इस मामले में पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है।

ज्ञातव्य है कि कुरई के पोतलई निवासी मोनिका उईके (20) पति संतोष उईके के रो रहे दो दिन के नवजात शिशु को एक अज्ञात महिला चुप कराने के बहाने ले गयी और उसके बाद वापस नहीं लौटी। इस मामले में पुलिस के द्वारा पतासाजी की जा रही थी। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को कोई खास मदद नहीं मिल पायी थी।

पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस मामले में पुलिस के द्वारा बहुत ही सावधानी और चतुराई पूर्वक अन्वेषण किया गया, जिसके चलते पुलिस को महज तीन दिन में ही नवजात शिशु को आरोपियों के साथ बरामद करने में कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस की इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने पूरे जाँच दल की जमकर पीठ थपथपायी है।

सूत्रों ने बताया कि इसमें मुख्य आरोपी दुर्गा पटेल (30) पति बंटी शर्मा निवासी ग्राम सुनाज, थाना कोलारस के द्वारा पहले सिवनी जिले के लखनादौन थाना क्षेत्र के मण्डई में ढाबेनुमा चाय की दुकान पर काम किया जाता था। यह ढाबा देह व्यापार के लिये बदनाम रहा है। आरोपी के पति बंटी शर्मा (25) पिता शिवराम शर्मा निवासी ग्राम सुनाज जिला शिवपुरी मूलतः ट्रक चालक है। बंटी शर्मा की जान पहचान आरोपी से मण्डई में ही हुई थी।

सूत्रों ने बताया कि दुर्गा पटेल का विवाह उसकी बड़ी बहन की मृत्यु के बाद उसके जीजा से कर दिया गया था। उसके जीजा अन्नल लाल निवासी पनागर जिला जबलपुर के निधन के बाद वह अपनी बहन की पुत्रियों के साथ मंगलीपेठ में पुराने शिव मंदिर के पास आकर रहने लगी थी। कविता ने ही दुर्गा को मण्डई स्थित ढाबे में काम पर लगाया था।

सूत्रों ने आगे बताया कि बंटी शर्मा के द्वारा आरोपी दुर्गा को शादी का प्रलोभन दिया गया, जिसके बाद आरोपी दुर्गा अपनी बहन की दो बेटियों के साथ आरोपी के साथ शिवपुरी में जाकर रहने लगी थी। दोनों की कथित शादी के बाद इनसे कोई बच्चा न होने पर बंटी शर्मा के द्वारा शराब पीकर उसके साथ मारपीट की जाने लगी थी।

सूत्रों की मानें तो अपने पति के द्वारा की जा रही मारपीट से तंग आकर दुर्गा ने गर्भवती होने का बहाना किया और इसी बीच उसने हड्डी गोदाम निवासी कविता रजक (50) पति स्व.प्रमोद रजक से संपर्क करके अपनी आपबीति सुनायी और एक बच्चा उसे दिलवाने की बात कही। इसके एवज़ में दुर्गा के द्वारा कविता को पचास हजार रूपये देने की बात भी कही गयी थी। इस काम में 108 एंबुलेंस के चालक आसिफ को भी राजदार बनाया गया था।

सूत्रों ने बताया कि दो दिन तक कविता के द्वारा अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में अलग – अलग बच्चे दिखाये गये। एक बच्चे की आयु कुछ ज्यादा होने पर दुर्गा ने उसे चोरी करने से मना कर दिया। बाद में श्रीमति मोनिका उईके का नवजात शिशु उसे भा गया और उसने शुक्रवार 24 मई को सुबह मौका देखकर उस नवजात शिशु को वहाँ से चुरा लिया।

सूत्रों ने बताया कि इसके बाद आरोपी महिला, नवजात को लेकर सर्किट हाउस के पास से होते हुए भैरोगंज पहुँची। भैरोगंज में आसिफ के द्वारा दुर्गा को दो सौ पचास रूपये में एक ऑटो कराया गया। इस ऑटो के जरिये उन्हें छिंदवाड़ा नाका बायपास भेजा गया। वहाँ से वह सड़क मार्ग से छिंदवाड़ा होते हुए शिवपुरी में अपने घर जा पहुँची।

सूत्रों ने बताया कि इसी बीच पुलिस को इस बात की जानकारी मिली कि एंबुलेंस चालक आसिफ की आरोपी से लगातार बात हो रही है। पुलिस के द्वारा आसिफ से पूछताछ किये जाने पर आसिफ के द्वारा आरोपी का मोबाईल नंबर पुलिस को दे दिया गया। आरोपी का मोबाईल नंबर मिलने के बाद उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालना आरंभ कर दिया गया।

सूत्रों की मानें तो पुलिस को आरोपी दुर्गा के पति की लोकेशन जयपुर मिली और आरोपी की लोकेशन शिवपुरी की। पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार के द्वारा दो पुलिस पार्टीज को तत्काल ही शिवपुरी और जयपुर के लिये रवाना कर दिया गया। सूत्रों ने यह भी बताया कि जयपुर जा रहे पुलिस दल को सूचना मिली कि आरोपी के पति की लोकेशन जयपुर से लगातार बदल रही है और वह ग्वालियर की ओर जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि ट्रेन से जयपुर जा रही पुलिस पार्टी, सूचना मिलने के बाद कोटा में उतरी और सड़क मार्ग से यह पार्टी शिवपुरी जा पहुँची। शिवपुरी में कोतवाली की दोनों पुलिस पार्टीज ने आरोपी दुर्गा, उसके पति बंटी को नवजात शिशु के साथ पकड़ने में सफलता हासिल कर ली।

इधर पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने अत्यंत अल्प समय में इस जटिल मामले को सुलझाने में उल्लेखनीय भूमिका का निर्वहन करने वालों में शामिल नगर कोतवाल अरविन्द जैन सहित उप निरीक्षक खेमेन्द्र जैतवार, सहायक उप निरीक्षक सी.एल. सिंगमारे, प्रधान आरक्षक संजय यादव, सायबर सेल सिवनी में पदस्थ प्रधान आरक्षक देवेन्द्र जैसवाल, प्रधान आरक्षक योगेश ठाकुर, आरक्षक श्याम सुंदर तिवारी, आरक्षक अजय बघेल, आरक्षक सुधीर मिश्रा, राकेश ठाकुर, नीतेश राजपूत, बाल मुकुंद बघेल, धर्मचंद सिंह एवं नितिन तिवारी की पीठ थपथपाते हुए उन्हें पुरूस्कृत करने की घोषण की है।

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