स्वच्छता अभियान को मुँह चिढ़ा रहे मूत्रालय

 

 

बीमारियों को न्यौता दे रहे गंदगी से बजबजाते मूत्रालय

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। एक तरफ देश – प्रदेश की सरकारों के द्वारा समय – समय पर स्वच्छता अभियान चलाये जाने पर पालिका के अधिकारी कर्मचारी और चुने हुए प्रतिनिधि हाथों में झाड़ू लेकर रस्म अदायगी करते दिख जाते हैं, वहीं शहर के मूत्रालयों से उठने वाली दुर्गंध से लोग खासे परेशान हैं।

स्वच्छता अभियान की रस्म अदायगी जैसे ही पूरी होती है वैसे ही साफ सफाई व्यवस्था भी पुराने ढर्रे पर ही लौट जाती है। शहर में स्वच्छता अभियान का क्या आलम है इसका अंदाजा भारत संचार निगम लिमिटेड कार्यालय के बाजू वाली गली जो मिशन स्कूल पहुँच मार्ग हुआ करती थी, को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है।

दरअसल, क्षेत्र में एक भी मूत्रालय न होने के कारण यहाँ के व्यापारियों के द्वारा लगभग दो सौ मीटर लंबी इस सड़क को मूत्रालय में ही तब्दील कर दिया गया है। इस सड़क से होकर शालाओं की छात्राएं, महिलाएं आदि भी गुजरती हैं। वे किस तरह इस सड़क से होकर गुजरती होंगी, इस बात का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

इसी तरह बारापत्थर में जिला चिकित्सालय के पास रखा एक अस्थायी मूत्रालय हटा दिया गया है, अब लोग खुले में ही लघुशंका निवारण करते नजर आते हैं, बुधवारी बाजार का मूत्रालय, बस स्टैण्ड के सार्वजनिक मूत्रालय, हिन्दी मेनबोर्ड शाला के सामने वाला मूत्रालय को साफ करने की सालों से पालिका ने जहमत नहीं उठायी है। लोगों को आश्चर्य तो इस बात पर होता है कि क्षेत्रीय पार्षदों के द्वारा भी इस मामले में मौन ही साधे रखा गया है।