पश्चिम बंगाल में बीजेपी चीफ दिलीप घोष की रैली रोकी

 

 

 

 

कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प

(ब्‍यूरो कार्यालय)

दिनाजपुर (साई)। पश्चिम बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच लोकसभा चुनाव के बाद भी तल्खी कम होती नहीं दिख रही है। राज्य की सीएम ममता बनर्जी द्वारा बीजेपी के विजयी जुलूसों पर रोक लगाने के फैसले के बाद आज बंगाल बीजेपी चीफ दिलीप घोष की रैली को रोक दिया गया

इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प हो गई। उधर, राज्य में विपक्षी दलों के नेताओं का बीजेपी में शामिल होने का सिलिसिला जारी है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के 17 पार्षद आज राजधानी दिल्ली में बीजेपी में शामिल हो गए हैं।

इधर, कथित तौर पर रैली को रोकने के बाद हुई झड़प में दो पुलिस सब इंस्पेक्टर और दो वॉलिंटियर घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के संबंध में दिलीप घोष ने कहा, ‘वोट देने के लिए हम लोगों का धन्यवाद करने उनसे मिल रहे थे। पुलिस ने हमें उनसे नहीं मिलने दे रही। कई जगहों पर धारा 144 लागू कर दी गई है। टीएमसी के कार्यकर्ता हम पर हमला कर रहे हैं। हमारे कुछ समर्थक और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को नॉर्थ 24 परगना जिले के निमता में मारे गए टीएमसी नेता के घर का दौरा करने पहुंची ममता ने कहा, ‘मेरे पास सूचनाएं हैं कि बीजेपी ने विजय जुलूसों के नाम पर हुगली, बांकुरा, पुरुलिया और मिदनापुर जिलों में अव्यवस्था फैलाई है। अब से एक भी विजय जुलूस नहीं निकलेगा।

GJM के 17 पार्षद बीजेपी में शामिल

उधर, दार्जिलिंग नगरनिगम के 17 पार्षदों ने अब बीजेपी का दामन थाम लिया है। बीजेपी में शामिल होने वाले पार्षद गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले ही टीएमसी के भी कई पार्षद बीजेपी में शामिल हुए हैं। यह राजनीतिक घटनाक्रम तब सामने आ रहा है जब हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य की 42 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की है।

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