दमकल वाहनों का हो रहा दुरूपयोग!

 

अग्नि शामक वाहनों की संचालन प्रणाली से मुझे सिवनी में शिकायत है। यह वाहन अक्सर ही मौके पर काफी देरी से पहुँचता है जिसके कारण इस वाहन का सिवनी में होने का उद्देश्य पूरी तरह से सार्थक नहीं हो पाता है।

दरअसल, देखने वाली बात यह है कि दमकल वाहनों का उपयोग, यहाँ पर अधिकारी अपने घरों में पानी की सप्लाई के लिये किया करते हैं। कुछ अधिकारियों के तो गार्डन में तक दमकल वाहनों से सिंचाई होते देखी गयी है। ऐसे में ये कैसे उम्मीद की जा सकती है कि दमकल वाहन आग लगने की सूचना पर तत्काल मौके की ओर रवाना हो जायेंगे? इसका खामियाजा ज्यादातर उन किसानों को भुगतना पड़ता है जिनके बारे में राज्य और केन्द्र सरकारें दावा करतीं हैं कि किसानों का हित सर्वाेपरी रखा जायेगा।

आखिर, दमकल वाहनों से बंग्लों में पानी की आपूर्ति को कैसे उचित ठहराया जा सकता है। यहाँ पदस्थ अधिकारी अपने अधिकारों का दुरूपयोग करने से जरा भी नहीं चूक रहे हैं। समाप्ति की ओर अग्रसर गर्मी के इन दिनों में और खासकर इस वर्ष गर्मी के मौसम के आरंभ से ही अग्नि की दुर्घटनाओं में तेजी से वृद्धि देखी गयी है। प्रशासन वक्त-वक्त पर दावे करने से भी नहीं चूकता है कि उसके द्वारा आपदा प्रबंधन पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है।

जिला प्रशासन को इस बात से कोई सरोकार नजर नहीं आता है कि किसानों के यहाँ लगने वाली आग पर तत्काल काबू कैसे पाया जा सकता है। यदि ऐसा होता तो दमकल वाहनों को हमेशा मौके पर भेजने के लिये तैयार रखा जाता। सिवनी में होता यह है कि कहीं से जब आग लगने की सूचना प्राप्त होती है तब मौके पर पहुँचने वाले दमकल वाहन में या तो पर्याप्त पानी नहीं होता है जिसके कारण उसे शीघ्र ही वापस पानी लेने के लिये लौटना पड़ता है और या फिर आग की सूचना मिलने पर दमकल वाहन पानी भरने के लिये पहले रवाना होते हैं और उसके बाद ही वे मौके की ओर रवाना हो पाते हैं।

इस तरह की कार्यप्रणाली के चलते यह कहा जा सकता है कि सिवनी और इसके आसपास के उन किसानों जिनके यहाँ आग लगने की घटनाएं हुईं हैं, उनका काफी नुकसान सिर्फ इसलिये हो गया क्योंकि दमकल वाहन पूरी तरह पानी भरकर मौके पर जाने के लिये तैयार ही नहीं थे। प्रशासनिक अधिकारियों की भरार्शाही का खामियाजा किसानों को भुगतने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है लेकिन अधिकारी हैं कि गर्मी के इस मौसम में पेयजल की आवश्यकता दमकल वाहनों से ही पूरी करते नजर आ जाते हैं।

कई मामले ऐसे भी जानकारी में आये जिनमें फायर ब्रिगेड को आग लगने की सूचना तत्काल दे दी गयी लेकिन लंबे समय तक उक्त वाहन मौके पर ही नहीं पहुँचा। सिवनी कलेक्टर से इस कॉलम के माध्यम से अपील करना चाहते हैं कि फायर ब्रिगेड मौके पर सूचना मिलते ही तत्काल रवाना हो सके, इसकी पुख्ता व्यवस्था बनायी जाना चाहिये।

राजेन्द्र माहेश्वरी

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