एडव्होकेट प्रोटेक्शन एक्ट : भाजपा ने सौंपा ज्ञापन

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भाजपा विधि प्रकोष्ठ द्वारा मध्य प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र लागू किये जाने की माँग के संबंध में प्रदेश की महामहिम राज्यपाल के नाम से एक ज्ञापन मंगलवार को जिला कलेक्टर को सौंपा गया।

भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक विनोद सोनी के नेत्तृत्व में पहुँचे विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मध्य प्रदेश के अधिवक्ताओं के साथ लगातार मारपीट जानलेवा हमले किये जाने एवं अभी – अभी अधिवक्ताओं की हत्या किये जाने के अनेकों मामले हो चुके हैं। इस बात को लेकर मध्य प्रदेश के सभी अधिवक्ता गण लगातार उनके ऊपर हो रहे हमलों की रोकथाम एवं सुरक्षा के लिये एडवोकेट प्रोटेक्शन एक की माँग करते आ रहे हैं परंतु इस ओर गंभीरता से कोई कदम नहीं उठाये गये।

ज्ञापन में कहा गया कि, अधिवक्ता गणों की माँग पर विगत कुछ माह पूर्व जब मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी तब एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किये जाने हेतु कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पास किया गया था परंतु उसी दौरान मध्य प्रदेश में चुनाव की घोषणा हो जाने एवं आचार संहिता लागू हो जाने के कारण उक्त एक्ट को कानूनी मान्यता नहीं मिल पायी।

ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी स्थिति में यह कानूनी रूप नहीं ले सका लेकिन काँग्रेस ने भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किये जाने का उल्लेख एवं वादा किया था और यह कहा था कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा हेतु हमारी सरकार बनते ही मध्य प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कर दिया जायेगा।

ज्ञापन में कहा गया कि परंतु विगत कुछ दिनों पूर्व मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट की बैठक में उक्त एक्ट के संबंध में उनकी सरकार ने के तीन मंत्री जीतू पटवारी, गोविंद सिंह राजपूत एवं ओमकार सिंह मरकाम द्वारा विरोध किया गया और यह कहा गया कि अधिवक्ताओं को पहले से सुरक्षा प्राप्त है इस प्रकार इस एक्ट को कैबिनेट में पास नहीं होने दिया गया।

ज्ञापन में कहा गया कि इससे काँग्रेस सरकार की कथनी और करनी में अंतर उजागर हो गया है। जब उनकी सरकार नहीं बनी थी तब काँग्रेस ने घोषणा पत्र में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की बात कही थी और अब सरकार बनने के बाद अपने ही मंत्रियों से कैबिनेट की बैठक में इसका विरोध कराया जा रहा है।

ज्ञापन में महामहिम राज्यपाल से आग्रह करते हुए कहा गया कि काँग्रेस जब समाज के प्रबुद्ध वर्ग के प्रति इस प्रकार की सोच रखती है तो वह सरकार इस प्रदेश में रहने वाले अन्य समाज के विकास एवं उत्थान के लिये क्या काम करेगी। ज्ञापन में कहा गया कि, सरकार की इस सोच के कारण मध्य प्रदेश का अधिवक्ता गण समुदाय अधिवक्ता समुदाय अपने आप को ठगा हुआ और असुरक्षित महसूस कर रहा है।

ज्ञापन में कहा गया कि सरकार की इस तरह की सोच की भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ सिवनी कटु निंदा करता है और यह माँग करता है कि मध्य प्रदेश सरकार के उक्त तीनों मंत्रियों को शीघ्र अति शीघ्र मंत्रिमण्डल से बर्खास्त किया जाये तथा मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया कमल नाथ को इस बात का निर्देश दिया जायें कि अधिवक्ता गणों की माँगों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र अति शीघ्र लागू किया जाये।

ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक विनोद सोनी, सह संयोजक अदीप आर्य, संतोष सोनकेसरिया, राधेश्याम बघेल, अशोक कुशवाहा, आशीष महोले, शशि शंकर विश्वकर्मा, जितेंद्र सनोडिया, शिव प्रसाद डहरवाल, मनोज प्रजापति, संजय विश्वकर्मा, ऋषभ पाल बघेल, संतोष मिश्रा, भूपेश सिंह, सत्येंद्र ठाकुर, ललित मालवी, सचिन सोनी, कमलेश सनोडिया, रविन्द्र सनोडिया, संदीप डहेरिया, जगन्नाथ साहू सहित अनेक अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।