राम के बाद सिया के नाम पर जुबानी जंग

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश में चल रही बहस के बीच अब श्रीलंका के दिवूरमपोला में सीता मंदिर बनाने के लिए मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस एवं मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेताओं में जुबानी जंग शुरू हो गई है।

श्रीलंका में सीता मंदिर बनाने का मुद्दा एक दिन पहले मध्य प्रदेश के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री पी सी शर्मा ने यह कहते हुए उठाया था कि उनकी सरकार के एक अधिकारी को श्रीलंका भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी कि वहां मंदिर बनाया जाना चाहिए या नहीं। शर्मा मध्य प्रदेश के जनसंपर्क और विधि एवं विधायी मंत्री भी हैं।

इसके जवाब में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को ट्विटर पर लिखा, ‘‘सारा देश, सारी दुनिया जानती है कि सीताजी लंका में अशोक वाटिका में रखी गईं थी और उन्होंने अग्नि-परीक्षा भी दी थी। मैं (मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में) जब श्रीलंका गया था तो मेरे मन में यह भाव आया कि इस स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए! मुझे आश्चर्य है यह कमलनाथ सरकार तथ्यों को जाँचने की बात कर रही है!’’

उन्होंने आगे लिखा, ‘‘कमलनाथ सरकार के अफसर श्रीलंका जाकर सर्वेकराकर वेरिफाई करेंगे कि माता सीता का अपहरण हुआ था या नहीं! मित्रो, इससे ज़्यादा हास्यास्पद कुछ हो सकता है क्या? पूरी दुनिया जिस सत्य को जानती है, उसकी जाँच कराने की बात करके कमलनाथ सरकार ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है!’’ इसके अलावा, चौहान ने इस ट्वीट के साथ टैग किये गये वीडियो में दावा किया कि केन्द्र सरकार एवं श्रीलंका की सरकार से उन्होंने श्रीलंका में सीता मंदिर बनाने के लिए आवश्यक मंजूरियां भी प्राप्त कर ली थीं।

दरअसल, वर्ष 2012 में जब शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे मध्यप्रदेश के सांची में बौद्ध यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखने आये थे। इस दौरान चौहान ने राजपक्षे से चर्चा कर श्रीलंका में सीता मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा था। यह मंदिर श्रीलंका के दिवूरमपोला, जहां पर पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सीता ने अग्नि परीक्षा दी थी, वहां पर बनना था।

शिवराज ने कहा कि हमने बौद्ध मठ से सीता मंदिर बनाने के लिए कुछ जमीन मांगी थी और वे इसे देने के लिए राजी भी हो गये थे। यह सीता माता का मंदिर बौद्ध मठ एवं वर्तमान में वहां मौजूद सीता चबूतरे के पास वाली जमीन पर बनना था। चौहान की इस टिप्पणी पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मध्य प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पी सी शर्मा ने आज यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘शिवराज सिंह चौहान ने वादा किया था कि जिस जगह पर रावण ने माता सीता को बंधक बनाया था, वहां पर मंदिर बनाया जाएगा। इस बारे में हमने फाइलें उलट-पलट कर देख ली हैं। हमें (इस बारे में कोई लिखित आदेश) दिख नहीं रहा है।’’

उन्होंने कहा कि इस दिशा में पूर्ववर्ती चौहान सरकार ने कुछ भी नहीं किया है। शर्मा ने कहा, ‘‘हम पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की तरह घोषणा नहीं करेंगे, काम करेंगे। लेकिन तथ्यों के आधार पर करेंगे।’’ शर्मा ने कहा, ‘‘इसी तरह से चौहान ने राम वन गमन पथ बनाने की भी बात की, लेकिन इस पर भी उन्होंने अपने शासनकाल में कुछ नहीं किया। इस पर भी काम कमलनाथ के मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यकाल में हो रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने मध्य प्रदेश में राम वन गमन पथ के लिए काम शुरू किया है। हमने उसका पूरा नक्शा बना लिया है। आपको जल्दी देखने को मिलेगा कि भगवान राम चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक 200 किलोमीटर चले थे। पूरा राम गमन पथ हम बनाएंगे ,ताकि वहां पर चल कर लोग लाभान्वित हों। हमने इस बजट में इसके लिए राशि देने का प्रावधान भी किया है।’’