इस तरह खुला हत्‍या का राज . . .

 

 

 

 

पिता पर चोरी का शक था, बदला लेने के लिए महिला ने बेटे को तड़पा-तड़पाकर मार डाला

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। कोलार के बैरागढ़ चीचली गांव में रविवार शाम 7 बजे अपने घर के सामने से तीन साल का वरुण गायब हो गया। उसी शाम मात्र 50 फीट की दूरी पर रहने वाली आरोपित महिला ने उसकी हत्या कर शव अपने घर में ही छिपा लिया। रविवार रात से ही 60 से अधिक पुलिस कर्मियों और अफसरों की टीम ने वरुण की खोज शुरू कर दी। मंगलवार दोपहर तक गांव से लेकर आसपास के शहरों में वरुण की खोजबीन होती रही, लेकिन पुलिस पड़ोस के घर से शव बरामद नहीं कर सकी।

पुलिस की विफलता तब और साबित हो गई, जब इतने फोर्स की तैनाती के बावजूद मंगलवार तड़के आरोपित महिला अपने घर से वस्र्ण का शव लेकर पास के सूने मकान में पहुंच गई और शव को जला दिया, लेकिन पुलिस को सुराग तक नहीं लगा। मंगलवार दोपहर एक बजे शव बरामद होने के बाद महिला की गिरफ्तारी हो सकी। वहीं देर रात महिला के 20 साल के बेटे शुभम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपित पड़ोसी महिला पर फूटा लोगों का आक्रोश

शुरुआती पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया है कि उसके घर में पिछले दिनों चोरी हुई थी। उसे शक था कि चोरी में वरुण के पिता का हाथ है। इसका बदला लेने के लिए उसने घटना को अंजाम दिया। मामले का खुलासा होते ही गांव वालों का आक्रोश फूट पड़ा। वे लोग आरोपित महिला की जान लेने पर उतारू हो गए। पुलिस ने किसी तरह से बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और आरोपित को सुरक्षित निकाला। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया ह

बच्चे के पिता ने मेरे घर की थी चोरी, लिया बदला..

पुलिस ने पड़ोस में रहने वाली महिला सुनीता सोलंकी को संदिग्ध मानते हुए हिरासत में लिया। डीआईजी को महिला ने पूछताछ में बताया कि उसके घर में बीते 16 जून को चोरी हुई थी। इसमें वह बच्चे के पिता विपिन का हाथ मानती थी। इसका बदला लेने के लिए उसने वारदात को अंजाम दिया।

दोपहर में चला तलाशी अभियान

बच्चे के गायब होने के बाद पुलिस की कई टीमें उसे खोज रही थी। उस संदिग्ध कार का पता भी लगाया जा रहा था, जिससे बच्चे को अगवा किए जाने की आशंका थी। यह भी आशंका थी कि बच्चा कहीं ठोकर लगने से झाड़ियों में न गिर गया हो या फिर किसी ने उसे फेंका हो। इसलिए मंगलवार को पीड़ित परिवार के घ्ार के आसपास तलाशी अभियान चलाया गया। इसका नेतृत्व कोलार टीआई अनिल वाजपेयी और मिसरोद एसडीओपी अनिल त्रिपाठी कर रहे थे। उनके साथ पुलिस के 20 सिपाही थे। तलाशी अभियान दोपहर एक बजे शुरू हुआ। दोपहर 1.50 बजे एक आरक्षक एक बंद पड़े मकान के पिछले हिस्से में बच्चे को खोज रहा था। तभी उसे दुर्गंध आई तो वह मकान के पिछले दरवाजे को धक्का देकर अंदर घुसा। वहां देखा तो बच्चे का शव जली हालत में पड़ा था।परिजनों ने शव को पहचान लिया।

घर के बाहर से हो गया था लापता…

डीआईजी इरशाद वली ने बताया कि बैरागढ़ चीचली निवासी विपिन मीणा प्राइवेट काम करता है। रविवार शाम 7 बजे उसका तीन साल का बेटा वरुण घर के बाहर खेलते समय गायब हो गया था। घटना से पहले दादा नारायण से बच्चे ने टॉफी खाने की जिद की थी। तब दादा पोते को दस रुपए देकर घर के अंदर चले गए। इसके बाद वरुण बहुत देर तक घर नहीं लौटा था तो परिजनों ने उसे तलाश किया था। जब वह नहीं मिला तो एफआईआर दर्ज कराई।

डीआईजी बोले-पूरी टीम को देंगे पुरस्कार

पुलिस की लगातार कोशिश के बाद पुलिस बच्चे को नहीं बच सकी थी। इसके बाद पुलिस टीम को पुरस्कृत करने के अफसरों के बयान सामने आ रहे हैं। मंगलवार रात आठ बजे डीआईजी इरशाद वली ने प्रेसवार्ता की और प्रेस नोट में एएसपी से लेकर आरक्षक तक पुरस्कृत करने की बात लिखी थी। जब आईजी योगेश देशमुख ने बात की तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया है और कहा कि सभी पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत नहीं किया जा सकता। हम अपने स्तर पर तय करेंंगे। जिस पुलिस कर्मी ने अच्छा काम किया है। वह पुरस्कृत किया जाएगा।

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