अभी दूर की कौड़ी है किसी एलियन से मुलाकात

 

 

(मुकुल व्यास)

निकट भविष्य में एलियंस के साथ हमारी मुलाकात की कोई संभावना नहीं है। सौरमंडल के बाहर बुद्धिमान प्राणियों की खोज के लिए अब तक की सबसे विस्तृत छानबीन में खगोल वैज्ञानिकों को फिलहाल निराशा ही हाथ लगी है। रिसर्चरों ने पृथ्वी से 160 प्रकाश वर्ष दूर के दायरे में 1327 तारों की छानबीन के लिए जमीन पर तैनात दूरबीनों की मदद ली थी। तीन वर्षों तक किए गए इस पर्यवेक्षण के दौरान उन्हें किसी पारलौकिक सभ्यता के संकेतों का कोई प्रमाण नहीं मिला। कुछ दिलचस्प संकेत अवश्य मिले, लेकिन ये संकेत पृथ्वी की कक्षा में घूम रहे उपग्रहों से आए थे। मोबाइल फोनों और पृथ्वी पर इस्तेमाल की जा रही अन्य टेक्नॉलजी के संकेत भी इनमें शामिल थे।

हालांकि रिसर्चरों को उपयुक्त संकेत न मिलने के कई कारण हो सकते हैं। यह मुमकिन है कि संकेतों की खोज गलत फ्रीक्वेंसी पर की जा रही हो। बाहरी रेडियो संकेत ग्रहण करने के प्रयास में पृथ्वी की टेक्नॉलजी सबसे बड़ी बाधा है। हमारी टेक्नॉलजी के कारण भी बैकग्राउंड रेडियो तरंगों का हस्तक्षेप होता है।

बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के खगोल वैज्ञानिक और ब्रेकथ्रू लिसन प्रॉजेक्ट के सदस्य डैनी प्राइस का कहना है कि सौरमंडल के आसपास सब कुछ शांत है। गौरतलब है कि ब्रेकथ्रू लिसन प्रॉजेक्ट के अंतर्गत खगोल वैज्ञानिकों ने पारलौकिक रेडियो संकेतों को ग्रहण करने के लिए दस लाख तारों, समस्त मिल्कीवे आकाशगंगा और 100 पड़ोसी आकाशगंगाओं के पर्यवेक्षण का लक्ष्य रखा है। दस करोड़ डॉलर की लागत वाले ब्रेकथ्रू लिसन प्रॉजेक्ट शुरुआत तीन वर्ष पहले हुई थी। प्रॉजेक्ट की टीम दुनिया के शक्तिशाली रेडियो और ऑप्टिकल टेलिस्कोपों के विस्तृत नेटवर्क से संपूर्ण आकाश की मॉनिटरिंग कर रही है। यह पर्यवेक्षण पिछले पर्यवेक्षणों की तुलना में 100 गुना अधिक तेज और 50 गुना अधिक संवेदनशील है।

रिसर्चरों ने करीब 10 लाख गीगाबाइट डेटा का विश्लेषण किया है। प्रॉजेक्ट के खगोल वैज्ञानिक प्राइस ने कहा कि हमने अभी तक जो डेटा हासिल किया है, उसमें कोई नई चीज नहीं मिली है, लेकिन हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है। अभी बहुत से ऐसे तारे बाकी हैं जिनका हमें पर्यवेक्षण करना है। रेडियो संकेतों की सटीक खोज के लिए दूसरे विकल्प भी विचाराधीन हैं। खगोल वैज्ञानिक एलियंस के संकेतों को ग्रहण करने के लिए साउथ अफ्रीका में बन रहे 64 एंटीना वाले मीरकेट रेडियो टेलिस्कोप का उपयोग करेंगे।

ब्रेकथ्रू लिसन प्रॉजेक्ट की टीम ने पारलौकिक प्राणियों की तलाश के लिए अपने नवीनतम प्रयास का उल्लेख हाल में जारी दो रिसर्च पेपरों में किया है। इन पेपरों के जरिए सारा डेटा सार्वजनिक कर दिया गया है। प्राइस ने कहा कि इस डेटा में कोई ऐसा संकेत मौजूद हो सकता है जिसे हम नहीं पकड़ पाए हों। लेकिन यदि हम चूक गए हों तो दूसरे लोग उसे खोज सकते हैं।

इस बीच, खगोल वैज्ञानिक टीगार्डन स्टार नामक तारे की और विस्तृत जांच करना चाहते हैं। मंद रोशनी वाला यह तारा पृथ्वी से करीब 12.5 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। अलग से किए गए एक अध्ययन में रिसर्चरों के अंतरराष्ट्रीय दल ने पृथ्वी जैसे दो ग्रहों की खोज की है जो टीगार्डन स्टार की परिक्रमा कर रहे हैं। इस तारे की परिक्रमा पूरी करने में भीतरी ग्रह को 5 दिन और बाहरी ग्रह को 11 दिन लगते हैं।

हमारे सूरज की तुलना में इस तारे की चमक लगभग आधी है। दोनों ग्रह चट्टानी प्रतीत होते हैं और तारे के आवासीय क्षेत्र में स्थित हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि उनकी सतह गर्म है जहां पानी बह सकता है और तालाबों के रूप में जमा हो सकता है। जर्मनी की गोटिंजन यूनिवर्सिटी के खगोल वैज्ञानिक मैथियास जैकमाइस्टर का कहना है कि भीतरी ग्रह का औसत तापमान करीब 20 सेल्सियस है जो जीवन के लिए अनुकूल है। यदि इस ग्रह पर वायुमंडल मौजूद है तो यह आवासयोग्य भी हो सकता है।

(साई फीचर्स)

8 thoughts on “अभी दूर की कौड़ी है किसी एलियन से मुलाकात

  1. Pingback: immediate edge
  2. Pingback: aztekagutters.com
  3. Pingback: DevOps Solution

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *