पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों को नलकूप हैण्डपंप एवं नलजल योजना के माध्यम से पेय जल उपलब्ध कराने का दायित्व सौंपा गया है। विभाग के चाहे शीर्ष अधिकारी हांे या इंजीनियर सब लोगों की समस्या से बचने के लिये कोई न कोई कारण ढूंढते दिखायी देते हैं।

ऐसा ही मामला लंबे समय से सिवनी विकास खण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम लखनवाड़ा में देखने को मिल रहा है। यहाँ पर अधिकारी जन प्रतिनिधियों की बात को गंभीरता से नहीं लेते जिसका उदाहरण विगत एक वर्षाें से देखने को मिल रहा है। सरपंच जितेन्द्र भलावी का कहना है कि ग्राम में लंबे समय से पाईप लाईन न डालने के कारण गाँव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिये मोहताज है जिसको लेकर पीएचई के उच्च अधिकारी से शिकायत की गयी थी।

उन्होंने बताया कि इसके आधार पर सुधार कार्य हेतु पहुँचे अधिकारियों ने पहले तो विधान सभा चुनाव में लगी आचार संहिता की बात कहकर पाईप नहीं डाला। बाद में लोक सभा चुनाव की आचार संहिता लग जाने की बात कहकर पाईप नहीं डाले। इस सारी प्रक्रिया में लगभग एक वर्ष हो चुके हैं लेकिन लोगों को पानी जैसी मूल भूत सुविधा से वंचित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पाईप न बिछाने के कारण गाँव के अनेक लोग लगभग दो किलो मीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि पानी को लेकर आये दिन लड़ाई झगड़े होते हैं और मामला थाने तक पहुँच जाता है। इसको लेकर गाँव की शांति भंग हो रही है। विभाग के लोग सुधार के लिये आते हैं लेकिन वे नल चालक की बात सुनते हैं, सरपंच द्वारा दिये गये सुझाव को नज़र अंदाज करते हैं।

इस मामले में गाँव के संतोष बघेल, प्रदीप बघेल, बाहदुर बघेल, राजकुमार बघेल, मनोज बघेल, देवेन्द्र बघेल, तृणतपाल आदि ने कहा है कि पाईन नहीं बिछने से 08-10 घरांे के लिये पानी का संकट बना हुआ है।

सरपंच द्वारा पानी की समस्या को लेकर 181 में शिकायत की गयी थी जिसके आधार पर पहले तो 100 मीटर की पाईप लाईन स्वीकृत की गयी थी बाद में यह 500 मीटर की स्वीकृत कर दी गयी है और पीएचई द्वारा पाईप भी डाल दिये गये हैं लेकिन कार्य न होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।