पुलिस अभिरक्षा में हुई सुरेश की मौत!

 

 

दिन भर रही गहमा गहमी, न्यायिक जाँच आरंभ

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। छपारा थाने में शुक्रवार की रात पूछताछ के दौरान एक संदेही के कथित तौर पर घायल होने और उसके बाद जिला अस्पताल में दम तोड़ने के मामले में शनिवार को सुबह से ही गहमागहमी का माहौल रहा। इस मामले की न्यायिक जाँच आरंभ कर दी गयी है।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के छपारा ब्यूरो से फैयाज़ खान ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि छपारा थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम जूनापानी निवासी सुरेश (50) पिता मंगल प्रसाद सनोडिया की दो पत्नियां थीं। उसकी पहली पत्नि से हुई 23 वर्षीय पुत्री प्रियंका का शव सुरेश के घर में बीती 01 जुलाई को मिला था जिसकी सूचना सुरेश सनोडिया के द्वारा पुलिस में दे दी गयी थी। इसके बाद आरंभ हुई पुलिस की जाँच के दौरान सुरेश सनोडिया फरार हो गया था।

सूत्रों ने आगे बताया कि इसके साथ ही सुरेश सनोडिया के द्वारा संभागयुक्त से शिकायत कर दी गयी कि पुलिस उसको बेवजह परेशान कर रही है। इधर, सुरेश सनोडिया के फरार होने के कारण, पुलिस का शक गहरा गया कि प्रियंका की हत्या की गयी है और उसका मुख्य आरोपी मृतिका प्रियंका का पिता सुरेश सनोडिया हो सकता है।

सूत्रों ने बताया कि कोतवाली पुलिस के द्वारा संदेही सुरेश को कटंगी नाका क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस के द्वारा छपारा पुलिस को दिये जाने के बाद छपारा में पदस्थ प्रधान आरक्षक संजय ठाकुर, आरक्षक जयंत बघेल और वाहन चालक राम नरेश को कोतवाली पुलिस के द्वारा संदेही सुरेश को सौंप दिया गया।

सूत्रों ने बताया कि लगभग साढ़े दस बजे संजय ठाकुर के द्वारा संदेही को विवेचक के हवाले कर दिये जाने के बाद संजय ठाकुर एवं आरक्षक जयंत बघेल संदेही के लिये खुराक (संदेही के लिये भोजन) लेने चले गये। इसके उपरांत संदेही से विवेचक के द्वारा पूछताछ की गयी।

सूत्रों ने यह भी बताया कि संदेही उस दौरान गुटका खाये हुए था, और वह बार-बार बाहर छत पर जाकर थूक रहा था। इसी दौरान अचानक ही लाईट गोल हुई और संदेही ने छत से ही छलांग लगा दी। छत से गिरने के कारण सुरेश सनोडिया के सिर में गंभीर चोट आयी जिसके बाद उसे तत्काल छपारा के स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। यहाँ से चिकित्सक के द्वारा सुरेश सनोडिया को जिला चिकित्सालय सिवनी रेफर कर दिया गया।

सूत्रों की मानें तो डायल 100 की सहायता से घायल सुरेश सनोडिया को जिला चिकित्सालय में दाखिल करवाया गया। जिला चिकित्सालय में जिस समय घायल सुरेश सनोडिया का उपचार किया जा रहा था तभी पुलिस अधीक्षक सिवनी के साथ ही साथ अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सिवनी श्री पाठक और तहसीलदार प्रभात मिश्रा भी पहुँच गये। उपचार के दौरान शनिवार 20 जुलाई की सुबह लगभग पाँच बजे सुरेश सनोडिया ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पंचनामा कार्यवाही की गयी।

इधर, डॉ.अभय सोनी, डॉ.जयज काकोड़िया और डॉ.लोकेश बिसेन की उपस्थिति में मृतक के शव का पोस्ट मार्टम करवाया गया जिसके बाद शव को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जिला चिकित्सालय में लखनवाड़ा, डूण्डा सिवनी और छपारा के साथ ही साथ कोतवाली के पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गयी थी।

वहीं मृतक के पुत्र दुर्गेश बिसेन का कहना है कि पुलिस के द्वारा उसके पिता सुरेश सनोडिया के साथ मारपीट की गयी है जिसके कारण उसके पिता की मौत हो गयी। दुर्गेश बिसेन ने बताया कि उनके द्वारा इस मामले की शिकायत सीएम हेल्प लाईन में भी दर्ज करवा दी गयी है।

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