रेल सेवाओं के लिये और कितना लंबा इंतज़ार!

 

उस व्यवस्था से मुझे शिकायत है जिसके नाम पर सिवनी वासियों से ब्रॉडगेज़ के नाम पर नैरोगेज़ ट्रेन की सुविधा भी छीन ली गयी और इस संबंध में सिवाय बयानबाजी के जमीनी स्तर पर होता हुआ कुछ नहीं दिख रहा है।

रेलवे के द्वारा मेगा ब्लॉक लगाये एक लंबा समय हो गया है। आश्चर्यजनक बात यह है कि इस क्षेत्र के पूरे रेल खण्ड को ही एक साथ तब बंद करवा दिया गया जबकि एकसाथ इस क्षेत्र में उस गति से कार्य ही नहीं किया जाना था। उल्लेखनीय होगा कि नैनपुर से सिवनी के बीच में रेलवे बहुत ही धीमी गति से कार्य करवा रहा है।

यदि ऐसा ही किया जाना था तो इस क्षेत्र में रेल सेवाएं एक साथ बंद न की जाकर विभिन्न हिस्सों में एक के बाद एक बंद की जातीं तो संभव था जिले वासियों को राहत रहती। वर्तमान में कम से कम सिवनी से छिंदवाड़ा तक का रेल सफर तो जारी रखा ही जा सकता था जिसे पिछले लगभग चार वर्षों से अनावश्यक रूप से बंद कर दिया गया है। रेलवे की सुस्त रफ्तार के कारण जिला वासियों को तो असुविधा तो हो ही रही है साथ ही रेल सेवा लंबे समय तक बंद होने के कारण रेलवे को भी अनावश्यक रूप से नुकसान ही हुआ होगा।

रेल सुविधा समाप्त कर दिये जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों और विशेषकर निर्धन तबके के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क मार्ग उनके बजट में कहीं से भी फिट नहीं बैठ पा रहा है लेकिन उनके पास अन्य कोई विकल्प शेष नहीं रह गया है सिवाय ब्रॉडगेज़ के आरंभ होने के। वर्तमान में लंबे समय से सड़क मार्ग के एकमात्र विकल्प ने निर्धन तबके के लोगों की कमर तोड़कर रख दी है।

सिवनी के जन प्रतिनिधियों से आग्रह है कि वे फालतू की बयानबाजी छोड़कर जमीनी स्तर पर अपने प्रयास आरंभ करें ताकि सिवनी वासियों को रेल सुविधा पुनः प्राप्त हो सके। मेगा ब्लॉक लगाये जाने की अवधि को भी चार साल होने को आ रहे हैं उसके बाद भी ब्रॉडगेज़ का निर्माण कार्य सिवनी के क्षेत्र में अत्यंत सुस्त गति से किया जा रहा है। नेताओं की बयानबाजी में चाहे जो कहा जा रहा हो लेकिन आने वाले दो वर्षों में भी ऐसा नहीं लगता कि सिवनी में रेल सेवाएं आरंभ हो सकेंगी। जिला वासियों को होने वाली असुविधा की ओर भी यदि रत्ती मात्र भी ध्यान दिया जाये तो लोगों को राहत मिल सकती है।

रमेश केने