आईटी रिटर्न की अंतिम तिथि अब 31 अगस्त

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्ली (साई)। फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की तारीख बढ़ गई है। इसे 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया गया है।

वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस रिलीज जारी कर इसकी सूचना दी। वित्त मंत्रालय ने इसे ट्वीट भी किया है। बता दें कि निर्धारित तारीख तक टैक्स जमा न करने वाले लोगों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। पढ़िए विस्तार से..

दो साल तक हो सकती है जेल : अंतिम तारीख तक रिटर्न दाखिल नहीं करने पर आयकर विभाग आपको नोटिस भेजता है। इसके बाद आप जवाब देते हैं। अगर अधिकारी आपके जवाब से संतुष्ट नहीं होता है और जांच में साबित होता है कि आपने जानबूझकर टैक्स रिटर्न नहीं भरा है तो तीन माह से दो साल तक की जेल हो सकती है।

महंगी पड़ेगी देरी : तीन माह से सात साल तक की जेल रिटर्न में देरी पर। एक हजार जुर्माना रिटर्न में देरी पर, पांच लाख से कम आय पर। पांच हजार जुर्माना 31 जुलाई के बाद और 31 दिसंबर तक रिटर्न भरने पर। दस हजार जुर्माना 1 जनवरी से 31 मार्च तक रिटर्न भरने पर।

नोटिस से घबराएं नहीं : अंतिम तारीख तक रिटर्न नहीं भरने पर विभाग सबसे पहले नोटिस भेजता है जिसमें यह बताने को कहा जाता है कि आपने रिटर्न क्यों नहीं भरा। टैक्स सलाहकारों का कहना है कि नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। कर अधिकारी टैक्स नहीं भर पाने की सही वजह जानना चाहते हैं। सही वजह बताने पर जुर्माना लगा कर रिटर्न भरने की अनुमति मिल जाती है।

रिफंड पर ब्याज नहीं : आप आयकर रिटर्न तय तारीख के जितना दिन बाद रिटर्न भरते हैं उतना ज्यादा ही आर्थिक नुकसान होता है। टैक्स सलाहकार के.सी.गोदुका का कहना है कि जब आप रिटर्न फाइल करते हैं तो टीडीएस या अन्य रूप में अधिक चुकाए गए कर को आयकर विभाग रिफंड करता है। साथ ही इसपर ब्याज भी देता है। लेकिन देरी से भरने पर ब्याज नहीं देता है।

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