पारा 34 पर, सावन में तप रहा सूरज

 

 

आज से आरंभ हो सकता है पानी गिरना!

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। सावन के महीने को लेकर कवियों ने काफी कुछ तुकबंदी की है। सावन का महीना भगवान शिव को इसलिये भी प्रिय माना गया है क्योंकि इस माह में प्रकृति अल्हादित दिखायी देती है। इस बार सावन के आठवें दिन भी भगवान भास्कर जमकर तमतमाते ही दिखे।

कहा जाता है कि हरीभरी भी वादियों से विष रूपी तपन, अगन और प्रदूषण शिव जी की कृपा से सावन में खत्म हो जाया करते हैं लेकिन इंसानों की बेदखली और प्रकृति से छेड़छाड़ से शिवजी इस बार ताण्डव दिखा रहे हैं। सावन में बारिश होने की बजाय सूर्यदेव रौद्र रूप धारण किये हुए हैं। पेड़ों से पत्ते पतझड़ के समान गिर रहे हैं सूख रहे हैं।

इस साल आषाढ़ माह तो लगभग सूखा ही गया और सावन के माह में भी आठवें दिन तपन और उमस ने लोगों को जमकर हलाकान कर दिया है। बुधवार को दिन में आसमान पर काले बादलों की एक खेप देखकर लोगों को लगा कि शहर में पानी गिरेगा और उमस एवं तपन से मुक्ति मिल जायेगाी, किन्तु ये बादल भी आँख दिखाकर ही चले गये।

सावन में झमाझम बारिश का इंतजार बढ़ता जा रहा है। आसमान पर बादलों का डेरा हैं लेकिन, मॉनसून की बेरुखी परेशानी बढ़ा रही है। सावन के महीने में गर्मी और उमस से लोग बेहाल हैं। गर्मी के कारण दिन में चैन और रातों में नींद खराब हो रही है। कूलर और पंखे चलने के बावजूद भी घरों में गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।

बुधवार को दिन में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और इसके पिछली रात में न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमूमन यह तापमान गर्मी के मौसम में अप्रैल माह में ही दर्ज किया जाता है। लोगों का कहना है कि इस बार गर्मी के मौसम में अधिकतम तापमान बहुत ज्यादा नहीं रहा पर लगातार तपन ने लोगों को हलाकान ही किया। भू अभिलेख से राकेश विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम के लगभग अंतिम दिनों में 05 जून को सीज़न का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया था जब अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुँचा था।

उन्होंने बताया कि बारिश के इन दिनों में अधिकतम तापमान ऊपर की ओर बढ़कर एक बार फिर बीते गुरूवार 18 जुलाई को 35.2 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा था। सोशल मीडिया पर तो इस तरह के जुमले भी आम हो रहे हैं कि इस साल गर्मी के बाद सीधे सर्दी का मौसम आ जायेगा। प्रकृति के साथ लगातार छेड़छाड़ के कारण मौसम चक्र में परिवर्तन होता जा रहा है। लोग इस बार वृक्षारोपण के लिये संजीदा नज़र आ रहे थे किन्तु जून माह के अंत में उनके द्वारा लगाये गये पौधे बारिश के अभाव में सूखते दिख रहे हैं।

इतना ही नहीं लोगों ने पेड़ लगाने के लिये नर्सरी और अन्य स्थानों से वे पौधे तो लेकर आ गये हैं किन्तु बारिश न होने के कारण वे इनको लगा नहीं पा रहे हैं। पॉलीथिन के बैग्स में रखे ये पौधे भी अब मुरझाते ही दिख रहे हैं।

इधर, बारिश के न होने के कारण किसानों की पेशानी पर भी पसीने की बूंदें छलकती दिख रहीं हैं। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही पानी नहीं गिरा तो उनकी फसलें पूरी तरह चौपट हो सकती हैं।

आज से गिरेगा पानी : मौसम विभाग के सूत्रों ने मौसम के पूर्वानुमान के हिसाब से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिस तरह के योग बन रहे हैं उसके अनुसार गुरूवार 25 जुलाई से पानी गिर सकता है। गुरूवार को 14, शुक्रवार को 09 तो शनिवार को 27 मिली मीटर पानी गिरने की उम्मीद सूत्रों ने जतायी है।

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