अंततः हटाये गये सीएमएचओ डॉ.मेश्राम!

 

 

प्रदीप धाकड़ होंगे नये सीएमएचओ, दो चिकित्सकों के हुए तबादले

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। लगभग आठ महीने में ही चर्चित और विवादित रहे प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.के.सी. मेश्राम को सीएमएचओ पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर नरसिंहपुर में पदस्थ शल्य क्रिया विशेषज्ञ डॉ.प्रदीप धाकड़ को प्रभारी सीएमएचओ बनाया गया है।

राज्य शासन द्वारा जारी किये गये आदेश में जिला चिकित्सालय में पदस्थ पैथालॉजी प्रभाग के प्रभारी डॉ.हर्ष वर्धन जैन को गुना स्थानांतरित किया गया है। सूत्रों के अनुसार उनके द्वारा तबादला चाहा गया था और उन्होंने तबादले के लिये भोपाल और गुना के विकल्प दिये थे।

इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर में पदस्थ खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ.विजेंद्र चौधरी को बालाघाट जिले में वारासिवनी पदस्थ किया गया है। अपनी पदस्थापना के दौरान डॉ.चौधरी भी काफी चर्चित और विवादित रहे हैं। इस आदेश में सीहोर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ.भरत आर्या को अस्थि रोग विशेषज्ञ के रूप में जिला चिकित्सालय सिवनी पदस्थ किया गया है।

सीएमएचओ कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इसके पहले प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ.राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव के द्वारा तत्कालीन जिला कलेक्टर धनराजू एस. की निजि पार्टी को सोशल मीडिया पर वायरल कर देश प्रदेश में चर्चित करवाया गया था।

सूत्रों का कहना है कि जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा मई माह में जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान एड्स नियंत्रण सेल के परामर्श दाता अशोक गोवंशी के साथ जिलाधिकारी के हुए कथित विवाद के बाद मोबाईल पर अशोक गोवंशी के साथ बातचीत में कथित रूप से जिलाधिकारी को आईएएस और आईएएस का ईगो होने की बात भी कही गयी थी।

सूत्रों ने बताया कि इस वार्तालाप को अशोक गोवंशी को सीएमएचओ के द्वारा दिये गये कारण बताओ नोटिस के जवाब के साथ अशोक गोवंशी के द्वारा इसकी सीडी बनाकर प्रस्तुत की गयी थी। सीएमएचओ डॉ.के.सी. मेश्राम और अशोक गोवंशी के बीच हुए वार्तालाप की दो ऑडियो क्लिप्स भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुईं थीं।

सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा सीएमएचओ रहते हुए डॉ.के.सी. मेश्राम का प्रशासनिक नियंत्रण नहीं बचा था। उनके द्वारा विकास खण्डों का समय पर निरीक्षण नहीं किया जाता रहा, जिससे समूचे जिले में स्वास्थ्य विभाग में पूरी तरह अराजकता का वातावरण स्थापित हो गया था।

सूत्रों की मानें तो प्रभारी सीएमएचओ रहते हुए डॉ.के.सी. मेश्राम के द्वारा बिना अनुमति के ही बसंत पंचमी पर एक कार्यक्रम का आयोजन करवाया था, जिसमें उनके द्वारा गीत भी गाये गये थे, जिसकी चर्चाएं सोशल मीडिया पर महीनों तक चलती रहीं थीं। फिलहाल उनकी पदस्थापना कहाँ किस हैसियत से की गयी है इस बारे में स्पष्ट नहीं हो सका है।